वैलेंटाइन डे से एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट का प्रेमी जोड़ो को लेकर बड़ा फैसला

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आज भारत की सभ्यता और समाज दोनों ही दो जनरेशन के गैप से जूझ रही है. यहाँ पर एक तरफ तो एक सीनियर जनरेशन है जो चाहती है कि शादी ब्याह और प्यार मोहब्बत सिर्फ एक जाति में हो और उनकी मर्जी से हो जबकि यंग जनरेशन इससे इतर प्यार मोहब्बत कर रही है, शादी से पहले समबन्ध बना रही है और लिव इन तक में रह रही है. ऐसे में अभी हाल ही में सुप्रीम कोर्ट का एक बड़ा स्टेटमेंट आया है जो काफी मायने रख रहा है.

प्यार करने वालो के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट, कहा लड़के लडकियों को अपना साथी चुनने का और सब करने का हक
ये मामला सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में तब आया जब एक कर्नाटक में रहने वाली लडकी ने अपने घर वालो को बताये बिना उत्तर भारत के एक लडके से शादी कर ली और पिता ने लडके के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने न सिर्फ ये केस खारिच किया बल्कि फैसला देते हुए ये भी कहा कि लड़का और लडकी जिसे चाहे उसे अपने साथी के तौर पर चुन सकते है और उसके साथ कही भी जा सकते है शादी कर सकते है, उनको समाज या परिवार के आगे झुकने की जरूरत नही है.

अगर दो व्यस्क शादी के बंधन में बंधना चाह रह है तो इसमें उनको इसमें परिवार या फिर किसी भी समुदाय की सहमती की जरूरत नही है. आपका संविधान आपको ये अधिकार देता है. सुप्रीम कोर्ट ने अपनी बाते ये कई बार दोहराई है कि कोई भी लड़का लड़की जो व्यस्क हो चुके है वो कही पर भी जा सकते है चाहे वो होटल रूम हो, पार्क हो, दूकान हो, मॉल हो या कुछ भी हो. वो जब चाहे लिव इन में रह सकते है जब चाहे तब शादी कर सकते है उनको कोई भी बाध्य नही कर सकता.

वैलेंटाइन डे से पहले ये फैसला आना महत्त्वपूर्ण
वैलेंटाइन डे जो कि 14 फरवरी को आने वाला है उससे पहले एक बहुत ही बड़ा और और महत्त्वपूर्ण फैसला आने से कपल्स जो अभी शादीशुदा नही है या फिर शादी करने जा रहे है उनको काफी संबल मिल गया है.