किसानो के आगे झुक गयी है सरकार? इस फैसले के बाद से हलचल हुई तेज

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अभी मोदी सरकार लगातार किसानो के साथ में वार्ता में लगी हुई है और कोशिश अभी वो यही ही कर रहे है कि किसी न किसी तरह से चीजो को अपनी सामान्य स्थिति में लाया जाए और ये जो प्रदर्शन दिल्ली तक आ पहुंचा है उसे खत्म कर दिया जाये. वैसे सरकार चाहे तो इसे कई महीनो तक भी खींच सकती है लेकिन दिक्कत ये है कि दिल्ली की आम जनता को भारी तकलीफों से होकर के गुजरना पड़ रहा है और ऐसी स्थिति में जल्द निपटारा होना बहुत ही ज्यादा जरूरी है.

किसानो की पहली मांग पर सहमत हुई सरकार, अब बिन्दुवार लिखित में जवाब देगी
अब तक सरकार एक तरह से इनफॉर्मल टॉक करने के मूड में थी जहाँ पर आप कुछ  बोले हम कुछ बोले और फिर एक आश्वासन दे दिया जाएगा कि हाँ आपकी दिक्कतों को सोल्व किया जाएगा लेकिन अभी जिस तरह का दबाव बढ़ रहा है उसके बाद में सरकार किसान संगठनों की पहली मांग पर राजी हो गयी है जिसमे उन्होंने कहा था कि अब जहाँ जहाँ भी सरकार का जो पक्ष होगा उसका लिखित में जवाब देना होगा.

सरकार की तरफ से ये एक तरह से पेपर पर लिखा हुआ आधिकारिक जवाब माना जाएगा कि सरकार इस मुद्दे पर हाँ कह रही है या फिर ना कह रही है ताकि स्पष्टता आ सके. अब जब लिखित वाले मुद्दे पर सरकार मान गयी है तो इतना तय हो गया है कि ये प्रदर्शन किसी भी तरह से मौखिक आश्वासन पर खत्म नही होगा बल्कि बहुत ही बड़ी संख्या में यहाँ पर काफी कुछ होते हुए दिख भी रहा है.

खैर बाकी तो अभी सरकार कुछ एक मांगो पर बहस कर रही है और किसान संगठन भी अपनी बाते रख रहे है. ऐसे में आगे चलकर के निर्णय क्या होता है ये अभी कोई भी निश्चितता इस बात में नजर आ नही रही है.