किसानो और सरकार के बीच मीटिंग शुरू, रखी दी अब ये 6 बड़ी मांगे

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पंजाब और हरियाणा के किसान इन दिनों में लगातार इस कोशिश में लगे हुए है कि किसी न किसी तरह से सरकार को दबाव में लाया जाए और उनकी अपनी बाते मनवाई जाए. कही न कही ये चीज उनके नजरिये से काफी जरूरी बन गयी है क्योंकि उन्होंने इस आन्दोलन में अपना काफी कुछ लगा दिया है और अब मोदी सरकार भी बात करने को राजी हो गयी है. बातचीत चल रही है मगर दिक्कत आ जाती है उनकी मांगो पर जो एक से बढकर के एक है और सरकार पर काफी भारी पड़ रही है.

तो चलिए पहले तो आपको ये बता देते है कि वो छः डिमांड क्या है जो सरकारों ने रखी है और क्यों सरकार इनको लेकर के इतनी ज्यादा आनाकानी कर रही है वो भी आपको ये भारी भरकम मांगे देखकर के मालूम चल जाएगा जो अपने आप में किसी भी केंद्र सरकार के लिए भी थोडा मुश्किल होता है.

  1. जो अभी हाल ही में तीन कृषि क़ानून लागू किये है उन तीनो को ऐसे का ऐसे वापिस ले लिया जाए.
  2. जो किसानो के लिए एमएसपी है उसे पूरी  तरह से कानूनी बनाया जाये.
  3. स्वामीनाथन फोर्मुला से एमएसपी को लागू किया जाए और उसी पर ही आगे का काम भी चले.
  4. एनसीआर क्षेत्र में जो वायु प्रदूषण एक्ट बनाया गया है उसको भी वापिस ले लिया जाये.
  5. खेत के लिए डीजल के दाम 50 परसेंट तक कम किये जाए.
  6. देश भर किसान नेता, कवि, वकीलों और अन्य जो भी सामाजिक एक्टिविस्ट आदि पर केस है उनको भी वापिस लिया जाये.

किसान नेताओं का का कहना है कि ये वो नियम है जिनको सरकार को मानना ही पड़ेगा और इस वो इधर से उधर नही होंगे वही सरकार चाह रही है कि बातचीत में उनको समझाया जाए और चीजो को सुलझा लिया जाए मगर अब दिक्कत ये है कि वो न तो समझना चाहते है और न ही अपनी बात से थोडा भी टस से मस होना चाहते है.