किसान आंदोलनकारियो के साथ सरकार की बैठक खत्म, जानिये क्या नतीजा निकला

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अभी पंजाब और हरियाणा के साथ में कुछ और जगहों के किसान देश की राजधानी दिल्ली में डेरा जमाकर के बैठे हुए है और वो इस कोशिश में लगे हुए है कि कही न कही इस पूरी घटना के बाद में इतना तो साफ़ हो ही गया है कि अब सरकार के ऊपर काफी अधिक प्रेशर है और राजधानी से ये जाम खुलवाना काफी जरूरी हो गया है वरना कई हजारो करोडो रूपये का नुकसान हो सकता है. कही न कही ये चिंता से भरी हुई और टेंशन देने वाली बात है.

3 घंटे तक चली सरकार किसानो की बैठक, दोनों अड़े रहे और कोई हल नही निकला
किसानो का एक प्रतिनिधि मंडल सरकार से जाकर के मिला और सरकार की तरफ से रेल मंत्री पीयूष गोयल और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मौजूद थे. यहाँ पर दोनों पक्षों के बीच में कई मुद्दों पर सहमती नही बन सकी. सरकार ने एक समिति बनाने का प्रस्ताव भी दिया जिसमे उनके लोग हो सकते है लेकिन उस पर भी किसान आँदोलन के प्रतिनिधि सहमत नही हुए है और उनका कहना है कि वो अपनी उन्ही मांगो पर अड़े रहेंगे.

सरकार उनके ऊपर अधिक प्रेशर नही बना रही है क्योंकि किसान के नाम से आन्दोलन हो रहा है और अगर कुछ भी उनके खिलाफ होता है तो फिर ऐसी स्थिति हो जायेगी जिसमे सरकार को फिर पीछे हटना ही पड़ेगा तो ऐसे में जरूरी यही है कि सरकार को चाहे और मीटिंग्स करनी पड़े तो भी करे और उनको शान्ति से मनाये. अभी के लिए अगली मीटिंग 3 दिसम्बर को तय की गयी है जब आगे और चीजो को सोल्व करने की कोशिश की जायेगी.

अभी माना जा रहा है कि अगली दो से तीन बैठके और भी हो सकती है जिसमे पता चलेगा कि क्या कुछ हो सकता है और क्या कुछ बदलाव है जो सरकार शायद किसी तरह से नए क़ानून में कर दे.