बड़ी खबर: अमित शाह के इस प्रस्ताव को किसानो ने ठुकाराया

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अभी पंजाब से हजारो की संख्या में किसान देश की राजधानी दिल्ली में पहुँच चुके है और वहाँ पर उनके आने के बाद में कही न कही बहुत से लोगो की हालत खराब हो गयी है क्योंकि किसानो ने कई सारे रास्तो को एक तरह से जाम कर दिया है और आवागमन ठप्प होने से शहर को अब हजारो करोड़ रूपये का नुकसान हो रहा है और ऐसी स्थिति में अब क्या किया जाए? अब इन सबके बीच में शाह ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की लेकिन लग रहा है कि उनकी पॉवर भी यहाँ पर अभी तक कुच्छ ख़ास कमाल दिखा नही पा रही है.

किसानो को निरंकारी मैदान जाकर के प्रदर्शन करने और फिर वार्ता करने आने का दिया था प्रस्ताव, ठुकरा दिया
गृह मंत्री अमित शाह ने आँदोलन कर रहे किसानो को प्रस्ताव भेजा था कि वो बुराड़ी में स्थित निरंकारी मैदान में जाकर के प्रदर्शन करे और फिर अगले ही दिन उनके साथ में वार्ता की जायेगी, मगर किसानो ने उनकी बात मानने से मना कर दिया और कहा कि वो कोई मैदान नही बल्कि ओपन जेल है और हम उसमे नही जायेंगे.

किसानो का कहना है कि सरकार खुद यहाँ पर आये और हमसे बात करे तब जाकर के ही हम सुनेंगे और हमारी जो भी मांगे है वो मानी जाए वरना हम अभी चार महीने का राशन लेकर के आये हुए है तो हम कही भी हटने वाले नही है. ऐसे में अब आगे सरकार इस मामले को किस तरह से हेंडल करती है ये देखने वाली बात होगी क्योंकि अभी ये पूरा मामला हाथ से निकलते हुए नजर आ रहा है.

अब आगे माना जा रहा है कि सरकार किसी मध्यस्थ को बुला सकती है जो सरकार और किसानो के बीच में एक संपर्क का काम करे और इसके जरिये उनकी बाते सुन समझकर के सोल्व की जायेगी. हालांकि किसानो का गुस्सा देखकर के अभी लग नही रहा है कि वो वापिस जाने के मूड में भी है.