बंगाल चुनाव से पहले टीएमसी में इस वजह से हो गयी बगावत और इस्तीफे, टेंशन में ममता

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अभी  बंगाल में चुनाव लगभग सर पर आ  गये है और इन चुनावों का जोर इतना ज्यादा है कि बीजेपी अपनी काफी ज्यादा शक्ति इसमें झोंक रही है और जीत को सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है, मगर ममता बनर्जी भी फिर यहाँ पर कुछ कम मजबूत रोल प्ले नही कर रही है और ये बात तब और ज्यादा सच लगने लग जाती है जब वो एक के बाद एक रैली कर रही है लेकिन हकीकत तब सामने आती है जब उनकी ही पार्टी टूटते हुए नजर आने लग जाती है.

ममता के करीबी शुभेंदु अधिकारी ने दिया इस्तीफ़ा, इससे पहले भी कई नेताओं को खो चुकी है
अभी हाल ही की सबसे बड़ी डेवलपमेंट बंगाल में ये हुई है कि ममता बनर्जी के काफी करीबी और बंगाल सरकार में मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है और इसके पीछे का कारण प्रशांत किशोर को बताया जा रहा है जिसे ममता बनर्जी अपनी पार्टी में लेकर के आयी है और उनकी रणनीति से कई सारे उनके ही नेता खुश नही है, चर्चा ये तक चल रही है कि लोग उनको बीजेपी का एजेंट तक मानने लगे है.

ऐसे में शुभेंदु का इस्तीफ़ा और इससे पहले भी आये हुए कई छोटे मोटे नेताओं आदि के इस्तीफे ममता बनर्जी को काफी ज्यादा कमजोर कर रहे है. उनकी ही पार्टी के नेता जैसे मुकुल आदि तो छोड़ने के बाद में भाजपा में ही जा मिले और अब वो बंगाल में बीजेपी के हाथ मजबूत करने के लिए दिन रात एक कर रहे है तो ऐसे में ममता बनर्जी के लिए उनके ही खड़े किये हुए बड़े बड़े नेता उन पर भारी पड़ने लगे है और हो सकता है आने वाले वक्त में उनको दिक्कत आने लगे.

अब प्रशांत किशोर का होना ममता की पार्टी में बगावत को बढ़ाएगा या फिर भविष्य में उनको इसका कोई फायदा भी होगा, ये तो आने वाला वक्त ही बता सकता है लेकिन अभी के लिए इतना तय तौर पर कहा जा सकता है कि ममता उन्हें प्रोटेक्ट करने में लगी हुई है.