सोनिया गांधी का राईट हैण्ड कहे जाने वाले कांग्रेस के कद्दावर नेता का निधन, पार्टी में शोक

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कांग्रेस पार्टी अभी अपने वरिष्ठ नेताओं को एक के बाद में एक खो रही है. पहले शीला दीक्षित चली  गयी फिर अभी दो दिन पहले की ही बात है जब असम के पूर्व मुख्यमंत्री रहे और कांग्रेस के सीनियर लीडर तरुण गोगोई नही रहे जो अपने आप में काफी अधिक दुःख से भरा हुआ रहा लेकिन अभी इस बार जो हुआ है वो गांधी परिवार के लिए बहुत ही ज्याद शॉक से भरा हुआ है क्योंकि ये एक तरह से उनके लिए तो निजी हानि के जैसा भी है.

सोनिया गांधी के करीबी नेता अहमद पटेल का निधन, मेदांता में भर्ती थे
अहमद पटेल जो कि कांग्रेस के लिए बहुत ही मायने रखते थे उनकी रिपोर्ट यही कोई महीने भर पहले पोजेटिव आयी थी जिसके बाद धीरे धीरे उनके कई अंगो ने काम करना बंद कर दिया और आखिर कार वो चल बसे. उनका इलाज मेदान्ता जैसे बड़े अस्पताल में हो रहा था लेकिन फिर भी उनको बचाया नही जा सका. अभी उनकी उम्र पूरे 71 वर्ष थी और इस उम्र में वो राज्य सभा के सदस्य भी चुने गये थे और कांग्रेस की कई समितियों के मेम्बर भी थे.

अहमद पटेल को हमेशा से ही गांधी परिवार और पूरी पार्टी का संकट मोचक माना गया है, कही विधायक कम पड़ रहे हो कोई गिरती हुई सरकार बचानी हो या फिर खड़ी करनी हो कई जगहों पर अहमद पटेल ने अपनी बहुत ही अहम् भूमिका कांग्रेस पार्टी को बचाने में निभाई है. आज सुबह लगभग साढ़े तीन बजे उनका निधन हो गया और उनके जाने के तुरंत बाद सोनिया गांधी ने उन्हें श्रद्धांजली देते हुए कहा आज मेने एक विश्वासी साथी और अच्छा दोस्त खो दिया है, वही राहुल गांधी ने उन्हें कांग्रेस की एक अमूल्य असेट बताया.

खुद प्रधानमंत्री मोदी ने भी उनको श्रद्धांजली देते हुए ट्वीट किया है और कही न कही अहमद पटेल जैसे नेताओं को पार्टी में हमेशा याद रखा जाता है इस बात में कोई भी दो राय नही है.