सुप्रीम कोर्ट ने भेजा योगी सरकार को नोटिस, जानिये क्या है मामला

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इन दिनों में सुप्रीम कोर्ट लगातार लिबर्टी और फ्रीडम ऑफ स्पीच जैसे मुद्दों के ऊपर मुखर होकर के न सिर्फ स्टेटमेंट दे रहा है बल्कि साथ ही साथ में अब कई मामले यहाँ पर ऐसे ही पहुँच भी रहे है. आपको मालूम हो तो पत्रकारिकता के मामले में अर्नब गोस्वामी को रिलीज करने का आर्डर देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने काफी तल्ख़ टिपण्णी की थी और अब इस बार एक और पत्रकार का मामला आया है और इस बार सुप्रीम कोर्ट का नोटिस किसी और को नही बल्कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को गया है.

हाथरस जा रहे केरल के एक पत्रकार को यूपी में हिरासत में लिया गया था, सिब्बल की याचिका पर भेजा गया नोटिस
अभी हाथरस में जो घटना हुई थी उसमे रिपोर्ट के अनुसार उस घटना को कवर करने के लिए सिद्दीकी कप्पन नाम का पत्रकार जो केरल का निवासी है हाथरस जा रहा था मगर उत्तर प्रदेश पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और तब से वो हिरासत में ही है और अब केरल यूनियन ऑफ वोर्किंग जर्नलिस्ट्स की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है.

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पहले तो कहा कि हम इस मामले में मेरिट नही है पहले आप हाई कोर्ट क्यों नही गये? इस पर सिब्बल ने कहा कि उसके खिलाफ कोई आरोप नही है और न ही उसका प्राथमिकी में नाम है और वो व्यक्ति 5 अक्टूबर से जेल में है. इसके बाद में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम इस मामले में यूपी सरकार को नोटिस जारी करेंगे, यहाँ पर उनसे इस मामले में अपनी तरफ से सफाई देने के लिए और अपना पक्ष देने के लिये कहा जाएगा.

इस पूरे घटनाक्रम के बाद में कही न कही अब ये बात नजर आती है कि अर्नब गोस्वामी की जो रिहाई हुई है उसके बाद में पत्रकारों को पकड कर ज्यादा समय तक जेल में रख पाना मुश्किल होगा क्योंकि जस्टिस चन्द्रचूड ने हाल ही में जो जजमेंट और स्टेटमेंट दिए है वो फ्रीडम ऑफ स्पीच और लिबर्टी जैसी चीजो को मजबूती दे रहे है.