बीजेपी के सामने आ गयी है अब एक साथ दो मुश्किलें, बन सकती है खतरा

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भारतीय जनता पार्टी अभी काफी खुश है और कारण तो सभी जानते ही है, हम बात कर रहे है बिहार चुनाव की जिसमे  बीजेपी ने एक बार फिर से जीत हासिल की है और उनकी साथी पार्टी जेडीयू ने भी ठीक ठाक सीट्स हासिल की ही है और इसके बाद में अब नीतीश को वो सीएम भी बना चुके है और इतना कुछ होने के बाद भी अब बीजेपी के लिए कुछ एक खतरे है जो हाई कमान को चिंता में डाल रही है और आज हम वही बीजेपी की कोर मीटिंग से आपके लिए निकालकर के लाये है जो इन दिनों चर्चा का विषय बना है.

तेजस्वी की गैर यादव वोटो पर पकड़ बढ़ी, लेफ्ट और ओवैसी का फैलाव भी है दिक्कत
तेजस्वी यादव की पार्टी राजद आज से पांच साल पहले यादवो की पार्टी कही जाती थी और उनके ज्यादातर वोट भी यादव से ही आते थे लेकिन इस बार की हालत देखे तो राजद का वोट प्रतिशत बहुत ही ज्यादा बढ़ गया है और इससे ये पता चलता है कि अगर ये अन्य गठबंधन करके चलते है तो राजद को अन्य जातियों के वोट भी मिलते है और ये बीजेपी के वोट प्रतिशत पर खतरा है जो पहले नही था.

वही दूसरी दिक्कत है लेफ्ट और ओवैसी की. अगर इनकी परफॉरमेंस बिहार में देखे तो ये अब तक की इन दिनों की सबसे बेस्ट है जिनको मिला दे तो ये अच्छी खासी सीट जीते है. ओवैसी तो फिर भी मुस्लिम वोटो को एकजुट करके सीट जीतते है तो ऐसे में वो बीजेपी का वोट बैंक ही नही है तो उतना खतरा नही है लेकिन लेफ्ट ने इस बार जिस तरह से अच्छी खासी सीट्स जीती है वो बीजेपी के लिए अगले चुनावों में खतरा बन सकती है क्योंकि अगला चुनाव बीजेपी गठबंधन के लिए और टफ होने जा रहा है.

अब ऐसे में इन चीजो को कैसे टेकल किया जाना है ये तो पार्टी में मंथन चल ही रहा है. मगर लेफ्ट उअर ओवैसी को देखे तो वो बिहार में मिली सीट्स से काफी उत्साहित है और वो अगले बंगाल चुनावों में बीजेपी को चुनौती देने की बाते कर रहे है.