अब अर्नब ने किया ऐसा फैसला, जो कांग्रेस और शिवसेना को और ज्यादा परेशान कर देगा

260

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के हेड और जाने माने पत्रकार अर्नब गोस्वामी पिछले कुछ समय से शिवसेना के सामने भिड़े होने की वजह से हर बार चर्चाओं में बने हुए थे और उनका चर्चाओं में होना कही न कही लाजमी भी था क्योंकि जिस तरह से वो जेल गये और फिर अचानक से लौटकर के आये उसने तो हर किसी के लिए सवाल और संभावनाओं के दरवाजे खोल दिए. वही दूसरी तरफ अर्नब ने जेल से लौटने के बाद में एक ऐसा फैसला किया है जो कुछ लोगो के लिए परेशानी का एक बड़ा सबब बन सकता है.

क्षेत्रीय भाषाओं में भी लांच होगा रिपब्लिक, शिवसेना और कांग्रेस के लिए और मुसीबत
अर्नब गोस्वामी ने निर्णय किया है कि ग्लोबल लेवल पर अपनी प्रेजेंस बढाने के लिए वो रिपब्लिक का एक इंटरनेशनल चैनल तो लांच करेंगे ही करेंगे, साथ में देश की अलग अलग क्षेत्रीय भाषाओं में लोगो के लिए राज्य स्तरीय चैनल भी लांच किये जायेंगे. यानी अब रिपब्लिक के मराठी, गुजराती, मारवाड़ी और तमिल तेलगू आदि वर्जन भी हमें देखने को मिल सकते है जहाँ पर अर्नब के अंदाज में क्षेत्रीय भाषाओं में खबरे पहुंचाने का कार्य होगा.

अब ये परेशानी शिवसेना के लिए बड़ी इसलिए है क्योंकि अगर अर्नब ने ऐसा ऐलान किया है तो वो संभव है कि सबसे पहले रिपब्लिक का मराठी चैनल ही लेकर के आये और इसके जरिये अगर वो लाखो की संख्या में मराठी लोगो से कनेक्ट कर पाते है तो फिर ये शिवसेना के लिए काफी मुश्किल भरा वक्त हो सकता है क्योंकि हिंदी चैनल से ही अगर शिवसेना को इतनी दिक्कत हो रही है तो फिर मराठी चैनल से तो क्या ही होगा?

हालाँकि अभी ये सब करने में काफी समय लग सकता है. रिपोर्ट्स की माने तो अर्नब को ये सब कार्य करने में दो साल का वक्त लग सकता है लेकिन इतने समय को गुजरने में भी कोई अधिक वक्त नही लगता है अगर इंसान बहुत ही तेज गति के साथ में कार्य करता ही चला जाए.