एक पत्रकार ने किया था अमित शाह को परेशान, देखिये फिर अमित शाह ने क्या किया

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आज के समय में पत्रकारों के लिए काफी मुश्किलो से भरा हुआ है और इस बात से कोई भी इनकार कर नही सकता है. कही न कही अर्नब गोस्वामी के साथ में जो भी घटना  हुई और उस पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी तो काफी अधिक गहरी रही और ये चीज दर्शाती भी है कि पत्रकारो को अब सरकारों से भिड़ना महंगा पड रहा है लेकिन क्या देश की सबसे बड़ी पार्टी यानी बीजेपी और उसके सबसे शक्तिशाली नेता का क्या कहना और करना होता है? इस पर हमें एक पत्रकार रोहिणी सिंह पर नजर डालने की जरूरत है.

अमित शाह के बेटे जय शाह को लेकर की थी आलोचनात्मक रिपोर्टिंग, कानूनी कार्यवाही से अधिक कुछ और नही हुआ
रोहिणी सिंह ने अमित शाह के बेटे जय शाह को लेकर के काफी अधिक आलोचनात्मक रिपोर्टिंग की थी. उनके एक कम्पनी में इंटर होने और फिर उसके अधिक प्रॉफिट बनाने को लेकर के आंकड़े पब्लिश किये जिसमे कितना सच कितना झूठ ये तो अब भी साफ़ नही हो सका लेकिन इससे जय शह और उनके पिता अमित शाह को काफी ज्यादा आलोचना का सामना करना पड़ा.  इस पर रोहिणी सिंह को मानहानि केस में ले जाने की बात हुई.

मगर गौर करने वाली बात ये है कि पत्रकार रोहिणी सिंह एनसीआर में रहती है और वहाँ की पुलिस प्रशासन अमित शाह के अंडर है मगर कभी भी गृह मंत्री द्वारा अपने निजी हित के लिए इसका दुरूपयोग करके गलत तरीके से गिरफ्तारी, किसी का ऑफिस गिराना बिल्डिंग गिराना और तमाम डराने वाले काम नही हुए, बल्कि जय शाह द्वारा केवल कानूनी कार्यवाही की बात की गयी क्योंकि उनके अनुसार ये जो भी रिपोर्टिंग हुई वो गलत थी और वो कानूनी तौर पर इतना अधिकार तो रखते है कि अगर उनके अनुसार कोई गलत खबर प्रकाशित करता है तो वो कार्यवाही करे.

ऐसा ही कुछ लगभग बाकी अधिकतर मीडिया समूहों के साथ में भी है. इससे इतना तो पता चलता ही है कि बीजेपी पत्रकारों के फ्रीडम ऑफ स्पीच और मूलभूत अधिकारों के हनन के पक्ष में अपने ऊपर आने पर भी नही है और शायद यही चीज बीजेपी को आज देश की सबसे बड़ी और क्रेडिबल पार्टी बनाती है.