बीजेपी और बसपा में चल रही अन्दर ही अन्दर दोस्ती शुरू? इस हरकत के बाद मिला संकेत

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भारतीय जनता पार्टी को वैसे तो अभी किसी की भी जरूरत महसूस होती नही है क्योंकि वो देश की सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है जिसके पास में मोदी जैसा चेहरा, अमित शाह जैसा चाणक्य और अपार जनसमर्थन है लेकिन फिर भी भविष्य के लिए कही न कही कुछ दोस्तों की जरूरत रहती है जिससे कि संभावित मुसीबतों से निकलने के लिए पहले से ही तैयारी की जा सके और बीजेपी ने हाल ही में बसपा पर जो एहसान किया है उसे देखकर के तो ऐसा ही कुछ लग भी रहा है कि कुछ तो चल रहा है.

बीजेपी ने यूपी में राज्यसभा चुनाव में 9 की बजाय 8 सीटो पर उतारे उम्मीदवार, एक पर बसपा को मौका
उत्तर प्रदेश में अब जल्द ही राज्यसभा चुनाव होने जा रहे है और क्योंकि यहाँ पर बीजेपी के भारी विधायक है तो सारी की सारी राज्यसभा सीट्स बीजेपी ले जा सकती है लेकिन बीजेपी ने ऐसा किया नही. बीजेपी ने अपने उम्मीदवार 9 की बजाय 8 सीटो पर उतार दिए है और एक सीट खाली रखी है जिस पर बसपा ने अपना उम्मीदवार उतारा है.

वही दसवी सीट जो भी अपने आप में महत्त्वपूर्ण है उस पर भी बसपा के प्रत्याशी रामजी गौतम ने नामाकंन भरा है और ये साफ़ दिखता है कि उनके पास में इतने विधायको का सपोर्ट ही नही है तो फिर उन्होंने परचा क्यों भरा और बीजेपी जब सीट जीत सकती है तो उन्होंने एक सीट यूँ क्यों छोड़ी है? इस पर ऐसा लग रहा है कि बीजेपी और बसपा के बीच में संभावित तौर पर कोई डील हुई हो सकती है लेकिन ये डील क्या है और क्या ये भविष्य में किसी दोस्ती के संकेत है ये अभी फ़िलहाल तो कोई भी नही बता सकता है.

मगर इतना कह सकते है कि इससे कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों ही काफी हैरत में है कि ये अन्दर ही अन्दर चल क्या रहा है? अब सवाल तो उठेंगे और जब वोटिंग होगी तब इनके जवाब भी जल्द ही मिल जायेंगे.