महबूबा पर भारी पड़ा भारत के खिलाफ बोलना, उनकी ही पार्टी के नेताओं ने लिया फैसला

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महबूबा मुफ़्ती को कुछ दिन पहले ही छोड़ा गया है और सब लोग जानते है कि जब से वो बाहर आयी है तब से ही गलत तरीके से बयानबाजी कर रही है और इससे भारत की प्रतिष्ठा को खराब किया जा रहा है. ऐसे में उनकी ही अपनी पार्टी के लोग उनसे नाराज होने लग रहे है और महबूबा मुफ़्ती को नजर आने लग गया है कि अब कश्मीर में उनकी वही हैसियत पार्टी में भी नही बची है जो पहले कभी एक वक्त में हुआ करती थी और अब तो और बुरा वक्त आ सकता है.

महबूबा ने कही थी भारत का झंडा न उठाने की बात, तीन बड़े नेताओं का पीडीपी से इस्तीफा अभी हाल ही में महबूबा मुफ़्ती ने प्रेस वार्ता का आयोजन करके कहा था कि वो कश्मीर का झंडा ही उठायेगी और अगर ये और 370 फिर से बहाल नही होते है तो वो और कश्मीर के लोग ये कोई और झंडा यानी भारत का झंडा नही उठाएंगे. इस तरह की भारत के खिलाफ बयानबाजी से उनकी ही पार्टी के लोग काफी ज्यादा नाराज से हो गये है.

ये नाराजगी इस कदर बढ़ गयी है कि पीडीपी के तीन बड़े दिग्गज नेता टी एस बाजवा, वेद महाजन और हुसैन ए वफ़ा ने पार्टी छोड़ दी है. उन्होंने न सिर्फ इस्तीफा दिया बल्कि एक पत्र लिखकर के महबूबा के इस तरह के बयानों पर अपनी तरफ से नाराजगी जताई है. ये नेता इतने बड़े है इसलिए उनका नाम लिया जा रहा है उनके अलावा कई दर्जनों छोटे मोटे लोग और कार्यकर्ता है जिन्होंने महबूबा का साथ छोड़ दिया है क्योंकि महबूबा को तो खुदको हिरासत के नाम पर एक बंगले में रखा जाता है लेकिन इन मासूमो को जेल में पिसना पड़ता है और तकलीफ उनको देखनी पडती है तो महबूबा को भला क्या फर्क पड़ता है?

कही न कही लोग इनकी चाल को समझने लगे है और ऐसे में वो महबूबा मुफ़्ती से किनारा करने लगे है और हाल फ़िलहाल नेशनल कांफ्रेंस का भी है. ऐसे में ये पार्टियाँ कब तक अस्तित्व में रह पाती है ये भी अनसुलझा सवाल है.