गठबंधन तोड़कर अलग जाने वाले चिराग पासवान पर मेहरबान दिखे मोदी, नीतीश उलझे

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आपको ये तो मालूम ही होगा कि अभी बिहार में इन दिनों में काफी नए तरीके के समीकरण बन रहे है. एक तरफ भाजपा और जेडीयू इन दिनों चुनाव लड रही है तो उनकी पुरानी साथी यानी एलजेपी इस दफा अलग से चुनाव के मैदान में है और काफी ज्यादा जोर लगाकर के लड़ भी रही है. मगर सवाल अब आगे ये खड़ा हो गया है कि आखिर अभी भी क्या बीजेपी और एलजेपी के बीच में कोई रिश्ता बचा हुआ है? पीएम मोदी के भाषणों में तो ये साफ़ तौर पर नजर आ रहा है.

बिहार के हर नेता और पार्टी पर मोदी ने किया वार लेकिन एलजेपी को छोड़ा, पासवान को श्रद्धांजली भी दी
अभी इन दिनों प्रधानमंत्री मोदी बिहार में रैलियाँ कर रहे है और इन रैलियों में वो लगातार हर छोटे बड़े तेजस्वी से लेकर कुशवाहा तक सब लोगो को खुलकर के टारगेट कर रहे है और उनकी कमियाँ बता रहे है, कई लोगो को तो वो देश के खिलाफ तक  बता दे रहे है लेकिन एक बात गौर करने वाली है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अब तक चिराग पासवान या उनके स्वर्गीय पिता के बारे में कुछ भी नही बोला है.

एलजेपी इस बार उनके गठबंधन के खिलाफ चुनाव लड रही है लेकिन फिर भी पीएम मोदी चिराग को लेकर के कुछ भी हमला करने से बच रहे है. यही नही उन्होंने तो खुद जाकर के चिराग पासवान के पिता राम विलास पासवान को श्रद्धांजली दी है. यानी बीजेपी अभी भी इस उम्मीद में है कि आने वाले वक्त में एलजेपी दुबारा साथ आ जायेगी इसलिए सम्बन्ध और अधिक नही बिगाड़े जाने चाहिए.

वही चिराग पासवान का कहना है कि मैं तो पीएम मोदी का ही समर्थक हूँ और चाहता हूँ कि भाजपा की ही सरकार बने लेकिन नीतीश  कुमार सीएम नही बनने चाहिए. चिराग तो बाकायदा ये तक कहते है कि वो अगर सत्ता में आये तो नीतीश सरकार की सात निश्चय योजना पर जांच करवाएंगे और दोषी को जेल भिजवाएंगे.