अर्नब पर नयी मुसीबत, उद्धव सरकार ने लिया ऐसा फैसला

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महाराष्ट्र में राजनीतिक खेल कितने बड़े स्तर पर इन दिनों में चल रहे है इस बात को हर कोई बड़े ही अच्छे तरीके से जनता है और कही न कही ये जो भी हो रहा है उसके बाद में तो लोगो को लग ही रहा है कि यहाँ पर अर्नब और उद्धव का जो द्वन्द चल रहा है उसका परिणाम कुछ बड़ा ही निकलेगा. मगर अब महाराष्ट्र की सरकार ने दो कदम आगे बढकर के ऐसा फैसला लिया है जो अपने आप में देश के सेमी फेडरल स्ट्रक्चर पर भी एक तरह से प्रहार जैसा ही है.

उद्धव सरकार का फैसला, सीबीआई को जांच करनी है तो पहले हमसे अनुमति लेनी होगी
आपको मालूम होगा कि अभी हाल ही में योगी आदित्यनाथ की सरकार की सिफारिश पर सीबीआई ने टीआरपी घोटाले में केस दर्ज कर लिया है जिस पर मुंबई पुलिस पर आरोप लगे थे कि वो अर्नब गोस्वामी को फंसा रहे है. ऐसे में सीबीआई की एंट्री होने अर्नब के लिए काफी राहत भरी खबर थी लेकिन इससे पहले की सीबीआई इसे लेकर बड़े स्तर पर कोई जांच करती इससे पहले उद्धव ठाकरे सरकार ने एक नया फैसला कर दिया.

अब तक महाराष्ट्र सरकार की सीबीआई को सामान्य सहमति थी कि वो और उनके ऑफिसर आकर के खुलकर के जांच कर सकते है लेकिन अब उन्होने इस सहमति को वापिस ले लिया है जिसके बाद में अगर सीबीआई को महाराष्ट्र में मुंबई में आकार के कोई इन्वेस्टीगेशन करनी है तो पहले महाराष्ट्र की सरकार से ये परमिशन लेनी होगी कि हमें जांच करने दी जाए और बाद में ये वहाँ की सरकार और वहाँ के प्रशासन पर निर्भर करेगा कि वो उनको इस पर जांच करने देते है या फिर नही करने देते है.

अर्नब का केस सामने आने से पहले ही इस तरह का फैसला आ जाना कही न कही सवाल खड़े करता है और इससे सीबीआई के दायरे में कमी आएगी जो अपने आप में एक चिंता का विषय है कि अगर इस तरह से राज्य सरकारे ही सीबीआई के लिए बाधा बनेगी तो वो देश भर के केस सोल्व कैसे करेगी.