अमित शाह ने बताया, बीजेपी के गठबंधन से अलग क्यों हो गये चिराग पासवान

148

अभी बिहार के चुनाव लगभग सर पर ही है और इन चुनावों को लेकर के हर कोई अपने अपने तरीके से तर्क दे रहा है और अपनी अपनी पसंदीदा पार्टी के जीत के दावे भी खुलकर के कर रहा है जो कि जाहिर सी बात है कि लोग करेंगे ही करेंगे मगर एक हकीकत ये भी है कि बीजेपी का एक पुराना साथी यानी एलजेपी उनसे दूर छिटक गया है और अलग से चुनाव लड़ रहा है. अब आखिरकार अमित शाह ने काफी इन्तजार के बाद में जाकर के इस पूरे मामले पर चुप्पी तोड़ी है.

सीटो पर समझौता नही हो सकता, इस कारण अलग हुए पासवान
अमित शाह ने अपने हाल ही के बयान में कहा कि एनडीए में एलजेपी को बनाये रखने के लिए एक निश्चित सीट्स ऑफर की गयी थी लेकिन चिराग पासवान नही माने, उन्होंने अलग से चुनाव लड़ने का फैसला किया और हमें इस बात का दुःख भी है कि ये समझौता नही हो सका. कुल मिलाकर के देखे तो जो ये गठबंधन टूटा है उसका जिम्मा न तो बीजेपी लेने को तैयार हो रही है और न ही एलजेपी हो रही है.

वही दूसरी तरफ चिराग की बात करे तो वो अलग ही राग अलाप रहे है. उन्होने अपने हाल ही के बयान में कहा कि वो बीजेपी के खिलाफ नही बोलेंगे लेकिन बीजेपी को धर्मसंकट में भी नही डालेंगे, वो जो चाहे वो बोल सकते है. हालांकि चिराग ने इस बात पर काफी दुःख जताया कि बीजेपी की तरफ से उनको वोट कटवा कहा गया है और ऐसा सब सुनकर के उनके दिवंगत पिता की आत्मा को दुःख हो रहा होगा.

अब बीजेपी से अलग होकर के क्या एलजेपी वाकई में अपने अस्तित्व को कायम कर पाएगी और क्या बड़े स्तर पर जीत हासिल कर सकेगी? सवाल कई सारे है और इसके जवाब आने वाले भविष्य के चुनाव परिणामो में मिल ही जायेंगे.