हाथरस में आखिरकार वही हो गया, जो योगी आदित्यनाथ नही चाहते थे

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हाथरस में काफी कुछ है जो हुआ है और यहाँ पर मामले का खूब ज्यादा राजनीतिकरण भी होते हुए देखा ही गया है कि किस तरह से जगह जगह पर अलग अलग पार्टियों के लोग मामले को अलग दिशा देने की कोशिश  में लगे हुए थे. फिर मीडिया की कवरेज भी यहाँ पर काफी ज्यादा बढ़ गयी है जिसके बाद में योगी सरकार को मामला हेंडल करने में दिक्कत आ रही थी. अब यहाँ पर वो सब कुछ हो रहा है जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नही चाह रहे थे मगर हो गया.

योगी आदित्यनाथ चाहते थे मामले में शान्ति से हो जाए सुलह, मगर अफसरों की गलती और कांग्रेस के दखल से बिगड़ी बात
योगी आदित्यनाथ ने शुरू से ही कोशिश की कि जिसके साथ में जो भी बुरा हुआ है उसकी जांच करवाई जाए और इन्साफ मिले. मगर ऐसा हो नही पाया. पहले तो बच्ची को बचाने की कोशिश की गयी लेकिन वो बच नही सकी. इसके बाद में अफसरों के ऊपर परिवार वालो ने गलत व्यवहार करने के आरोप लगा दिये. इसी बीच कांग्रेस ने दखल देना शुरू कर दिया.

एक ऑडियो भी वायरल हुआ जिसमे कांग्रेस नेता कथित तौर पर पीडिता के परिवार को 50 लाख रूपये देने की बात कर रहे है अगर वो सरकार से दिये 25 लाख रूपये ठुकरा देती है. योगी सरकार तो मुआवजा आदि देकर के बात को ठंडा करना चाह रहे थे लेकिन बीच में फिर डीएम पर भी परिवार से गलत व्यवहार करने के आरोप लग गये और फिर राहुल प्रियंका खुद यहाँ पर आ गये तो राजनीति का स्तर और ज्यादा बढ़ गया.

यानी कुल मिलाकर के देखे तो सीएम योगी आदित्यनाथ ने काफी कोशिश की पिछले एक हफ्ते में कि ये सारा मामला शान्ति से निपट जाए लेकिन कांग्रेस और कुछ अफसरों की मनमानी के चलते हुए ऐसा हो नही पाया और मीडिया कवरेज का तो इसमें योगदान रहा ही है. ऐसे में ये काफी सरदर्द बन गया है.