कांग्रेस की धमकी के आगे फिर झुक गयी शिवसेना, दबाव में आकर लिया ये फैसला

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बीते एक से डेढ़ साल में शिवसेना में काफी बदलाव देखने को मिला है. वो पार्टी जो किसी भी कीमत पर समझौते न करने के लिए जानी जाती थी वो आज कदम कदम पर अपनी कुर्सी बचाने के लिए समझौते कर रही है और उस पार्टी से कर रही है जिसे बाल ठाकरे बिलकुल भी पसंद नही करते थे. वैसे कांग्रेस ने कई मुद्दों पर शिवसेना को झुकाया है लेकिन इस बार ऐतिहासिक बिल जिस पर शिवसेना वाकई में बीजेपी के साथ थी उस पर भी उद्धव ठाकरे को यू टर्न लेना पड़ गया है.

कांग्रेस के आगे बेबस शिवसेना, नया कृषि क़ानून लागू करने का आदेश वापिस लिया
अभी हाल ही में भाजपा की केंद्र सरकार ने कृषि बिल पास किये थे जो कि किसानो के हित में थे और अब इनको राज्य सरकारो को अपने अपने राज्यों में लागू करने की बारी थी मगर कांग्रेस इसके विरोध में थी जबकि शिवसेना को ये बिल किसान हित में लगे इसलिए उन्होंने पहले ही कह दिया कि हम ये क़ानून राज्य में लागू करने जा रहे है क्योंकि इसमें कई ऐसी चीजे भी है जो किसानो में के हित में है.

मगर शिवसेना इस बात पर अधिक वक्त तक टिकी नही रह सकी क्योंकि कांग्रेस ने इसका विरोध करने की चेतावनी दी और कहा कि वो शिवसेना को ऐसा करने नही दी. अन्दर ही अन्दर की खबर तो ये तक है कि कांग्रेस ने शिवसेना से समर्थन तक वापिस लेने की बात कह दी थी. इसी बात पर शिवसेना काफी ज्यादा घबरा गयी और यू टर्न लेते हुए अब राज्य में केंद्र द्वारा पारित बिल को लागू करने की बात कही है और अब इस बात की संवैधानिक संभावना खोजी जा रही है कि किस तरह से केंद्र के इस क़ानून को लागू करने से रोका जा सकता है.

जैसा कि आपको भी मालूम होगा कि केंद्र अगर कोई क़ानून पारित करता है तो फिर वो राज्यों की जिम्मेदारी बन जाता है कि उसे लागू किया ही किया जाए और ऐसे में शिवसेना के लिए काफी प्रेशर बन रहा है.