बिहार में इस वजह से बिलबिला उठी कांग्रेस, तोड़ सकती है आरजेडी से गठबंधन

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जब से बिहार में चुनावों का  उद्घोष शुरू हुआ है उसके बाद से ही बहुत सारे लोग है जो अपने अपने तरीके से इन चुनावों को देखने और दिखाने का प्रयास कर रहे है. सबके अपने अपने मायने है और हर किसी की अपनी अपनी बाते है. खैर जो भी है अभी बीते वक्त में जो राजद और कांग्रेस के बीच में हुआ है उससे इनका ज्यादा से ज्यादा सीट जीतने का सपना शायद सपना ही रह सकता है क्योंकि कांग्रेस के साथ संभव है कि वो राजद की हरकतों के बाद में उसका साथ ही छोड़ दे.

राजद कांग्रेस को मनमुताबिक सीटे देने को राजी नही, कांग्रेस छोड़ सकती है साथ
इन दिनों में बिहार में जो राजनीतिक परिस्थितियां है उसमे राजद कांग्रेस को छोटा समझ रही है और उससे कह रही है कि वो कम सीट ले ले और राजी हो जाए. पहले तो राजद ने इस हद तक कह दिया कि वो कांग्रेस को सिर्फ 40 से ज्यादा सीट ही नही देगी. मगर फिर कांग्रेस भी अड़ गयी कि वो कम से कम 70 से 75 सीट लेकर के रहेगी.

अभी सीटो का पेंच तो सुलझा ही नही  था कि शहरी सीटो को लेकर के भी खींचतान शुरू हो गयी है. रिपोर्ट्स की माने तो राजद चाह रही है कि कांग्रेस को कोई ख़ास शहरी इलाको की विधानसभा सीट्स न दी जाये जबकि कांग्रेस उसमे भी एक ख़ास संख्या मांग रही है और इन सब बातो पर इनके बीच में खूब आरोप प्रत्यारोप अन्दर ही अन्दर चले है जिसके चलते हुए अब कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमिटी इस बात पर विचार कर रही है कि बिहार की सभी सीटो पर अकेले ही चुनाव लड़ने का सुझाव हाई कमान को भेज दिया जाए क्योंकि राजद के साथ रहना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है.

वही तेजस्वी और तेज प्रताप लगातार अपनी ही लीडरशिप को महत्त्व दे रहे है और उनकी बातो को देखकर के लगता नही है कि कांग्रेस उनको छोड़कर के चली भी जाती है तो उनको कोई फर्क पड़ता भी है.