चिराग पासवान ने रखी बीजेपी के सामने ये डिमांड, पूरी नही हुई तो अकेले लड़ेंगे चुनाव

130

भारत के सबसे महत्त्वपूर्ण राज्यों में से एक बिहार में चुनाव होने जा रहे है और चुनाव को लेकर के सब पार्टियां अपने अपने फायदे को लेकर के ज्यादा ही संवेदनशील होते हुए नजर आ रही है. अब झगड़ा कोई एक गुट में तो नही है बल्कि हर गुट में नजर आ रहा है और हर किसी की अपनी अपनी दिक्कते है. वैसे एनडीए में सब कुछ ठीक  नजर आ रहा था मगर लग रहा है कि इन दिनों में कुछ चीजे है जो सही नही है और दिक्कते पैदा करने वाली है.

चिराग पासवान ने रखी 42 सीटो की डिमांड, वरना अकेले उतरेंगे मैदान में
चिराग पासवान की तरफ से अभी हाल ही में एनडीए गठबंधन और बीजेपी के सामने ये शर्त रखी है कि वो साथ में मिलकर के चुनाव तो तब ही लड़ेंगे जब उनको 42 सीटे मिलेगी. इस बार लोजपा कुल 42 सीट्स पर कम से कम चुनाव लड़ने के मूड में है और जेडीयू उनको इतनी सीट्स देने पर राजी हो नही रही है और ऐसे में बीजेपी को भी प्रेशर का सामना करना पड़ रहा है.

वही चिराग पासवान ने तो साफ़ शब्दों में कह दिया है कि वो तो लड़ेंगे तो कम से कम इतनी सीटो पर होंगे वरना हमने तो तय कर लिया है कि हम अलग हो जायेंगे क्योंकि इतने पर हमें समझौता करना पड़ रहा है. ऐसे में जदयू तो चाह ही रही है कि लोजपा अलग हो जाए लेकिन अब बीजेपी को ये सोचना है कि क्या कैसे भी करके वो उनको बनाये रखना चाहती है या फिर अकाली दल की तरह उनके जाने से कोई ख़ास फर्क नही पड़ने वाला है.

अब यहाँ पर बीजेपी के सामने दिक्कत ये भी है कि उनको जेडीयू और बीजेपी के बीच में सामंजस्य बनाकर के रखना है. अगर बात अकेले में सीट बंटवारे की होती तो भाजपा अकेले ही ले देकर बात खत्म भी कर सकती थी लेकिन यहाँ पर जो फैसला होगा उसमे नीतीश कुमार की सहमती भी जरूरी हो जायेगी.