शिवसेना ने कांग्रेस को फिर छोड़ा, यहाँ पर फिर से दे दिया बीजेपी का साथ

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शिवसेना इन दिनों बीजेपी की काफी बड़ी विरोधी हो गयी है और अगर राज्य स्तर पर देखे तो लगातार भाजपा कही न कही शिवसेना से लड भी रही है और कई मुद्दों पर दोनों के के आपस में मतभेद भी हो रखे है. ऐसे में जो कांग्रेस शिवसेना को राज्य में सरकार बनाने पर मदद कर रही है वो उम्मीद करती है कि शविसेना से उसे नेशनल लेवल पर सहयोग मिलेगा. मगर हमें ऐसा कुछ भी असल में होते हुए नजर नही आ रहा है और कही न कही कृषि बिल में शिवसेना का एक तरह का समर्थन ही दिखता है.

कृषि बिल पर शिवसेना ने किया बीजेपी का समर्थन, एनसीपी ने भी वाक आउट कर दिया था सपोर्ट
आपको मालूम हो तो कृषि विधेयक को जब राज्य सभा में लाया गया था तो कांग्रेस, आप और टीएमसी जैसी पार्टियों ने सदन में खूब हो हल्ला किया था और हाल खराब हो गये थे. ऐसे वक्त में शिवसेना ने अपना मूक सपोर्ट न सिर्फ दिया बल्कि शिवसेना की तरफ से कृषि राज्य मंत्री भूसे ने ये तक कहा कि कृषि बिल किसानो के कुछ हद तक हित में है.

वो आगे कहते है कि इस बिल पर कांग्रेस का अलग मत हो सकता है लेकिन शिवसेना एक स्वतंत्र पार्टी है जिसकी भूमिका पार्टी के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे खुद तय करते है. हालाँकि उन्होंने कई सारी बाते है जो यहाँ पर गिनवाई भी है कि क्या कुछ है जो गलत हो सकता है और व्यापारियों को नियंत्रित किया जाना जरूरी है. सिर्फ शिवसेना ही नही बल्कि एनसीपी ने भी यहाँ पर बीजेपी को फायदा देने और मदद पहुंचाने का काम किया है.

जब राज्य सभा में कृषि बिल के लिए वोटिंग हो रही थी तब एनसीपी ने सदन से वाक आउट कर दिया था  और इससे साफ़ तौर पर फायदा बीजेपी को ही  हुआ था क्योंकि उनके खिलाफ में वोट नही पड़े और ये चीजे बताती है कि अभी भे बीजेपी केंद्र में तो मजबूत ही है.