अब सुप्रीम कोर्ट पहुँच गयी उद्धव ठाकरे सरकार, की ये मांग

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जब से शिवसेना सत्ता में आयी है तब से किसी न किसी वजह से वो चर्चा में रहती ही है और कारण हर बार कुछ न कुछ ऐसे रहते है जिनके कारण बहुत से लोग चिंता में भी रहते है क्योंकि एक पक्ष को फायदा होता है तो एक पक्ष को इससे नुकसान भी होता है और अभी इन दिनों में जब शिवसेना काफी विवादों में घिरी हुई नजर आ रही है तो इन सब चीजो से सबका ध्यान हटाने के लिए पार्टी ने अब एक बार फिर से मराठा आरक्षण का मुद्दा छेड़ दिया है.

महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका, मराठा आरक्षण पर हो फिर से विचार
महाराष्ट्र में पहले ही मराठा पर सरकार ने आरक्षण लागू किया था जिसमे सरकारी नौकरी और पढ़ाई आदि में मराठी लोगो को प्राथमिकता मिलनी थी लेकिन इस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा  दी थी जिस पर कई सारे कारण भी दिये गये. अब एक बार फिर से ठाकरे सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुँच गयी है और याचिका में उन्होंने मांग लगाई है कि मराठी आरक्षण को एक बार फिर से लागू करने की अनुमति दे दी जाए.

अब सुप्रीम कोर्ट इस पर एक बार फिर से वही फैसला देता है या फिर इस बार फैसला बदल देता है ये देखने वाली बात होगी. इसमें दोनों ही पक्षों की अपनी अपनी दलीले है. महाराष्ट्र की सरकार का कहना है कि बाहरी लोग महाराष्ट्र में अधिक आ  रहे है और स्थानीय लोगो को मौके कम हो रहे है जबकि आज की डेट में सारा देश एक हो चुका है और ऐसे में किसी को कही भी जाकर के पढने लिखने की और जॉब करने की छूट मिलती है और अति का आरक्षण कोर्ट रोक रहा है.

हालांकि ऐसा और भी राज्यों में देखने को आता रहा है लेकिन महाराष्ट्र में इसे लेकर के काफी राजनीति देखने को मिली है और इससे यूपी, गुजरात और राजस्थान जैसे लोगो के लोग थोड़े खफा है क्योंकि उनके लिए इससे मुंबई जैसे शहरो में अवसर कम हो जायेंगे.