शिवसेना ने दी अब मोदी सरकार को चेतावनी, बोली जाग जाओ वरना हम

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शिवसेना जब से ही भाजपा के गठबंधन से अलग हुई है उसके बाद से ही उनके बात करने का तरीका आदि सब कुछ एक तरह से बदला हुआ नजर आता है और जाहिर तौर पर ऐसा होता है जब आप आपस में विरोधी पार्टी के हो जाते है लेकिन शिवसेना अब हर मुद्दे पर बीजेपी के खिलाफ खड़ी नजर आती है चाहे वो कितना ही सही हो या फिर न हो. अब हाल ही में एक बार फिर से शिवसेना ने कृषि बिल के मुद्दे पर भी ऐसा ही कुछ किया है.

केंद्र सरकार जागी तो ठीक, वरना विपक्षी दलों को एक होना पड़ेगा
सामना में शिवसेना ने अकाली का झटका नाम से एक पूरा आर्टिकल प्रकाशित किया है जिसमे वो केंद्र सरकार को चेता रहे है कि जाग जाओ वरना हम सब एक हो जायेंगे. शिवसेना ने कृषि बिल का विरोध किया और कहा कि केंद्र जागे वरना सब विपक्षी दल एक हो जायेंगे. यहाँ पर वो अकाली दल की चर्चा भी  करते है और जताते है कि ये घटक दल भी अब इनके गठबंधन से दूर हो गया है.

इसके बाद में शिवसेना कहती है कि सरकार एक तरफ एयर इंडिया, रेलवे और पोर्ट आदि को निजीकरण के कुँए में डाल रही है और किसानो को भी निजी हाथो में सौंपते जा रही है. अब मोदी सरकार की नीयत पर शक पैदा होता है. शिवसेना ने यहाँ पर सरकार की ही नीयत पर सवाल खड़े कर दिये है कि वो देश का भला नही चाहती है.

अब बात करे ये विरोध किस बिल पर है? तो दरअसल बात ये है कि सरकार ने किसानो के सम्बन्ध में कुछ बिल पेश किये है जिनके अनुसार अब किसानो को खुले बाजार में यानी मंडी के अलावा भी अपना सामान बेचने की छूट मिलेगी जिससे कि उनको बेहतर मूल्य मिल जाएगा. राजनीतिक पार्टियों का विरोध ये है कि इससे बड़े बड़े उद्योगपति कृषि को कब्जा कर सकते है वही सरकार का कहना है कि ऐसा नही होने दिया जाएगा.