सामने आयी गठबंधन की हकीकत, उद्धव ठाकरे ने दिया कांग्रेस को झटका

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महाराष्ट्र में सरकार की गाडी फ़िलहाल तीन पहियो पर चल रही है जिसमे एक पहिया शिवसेना का, दूसरा एनसीपी का और तीसरा कांग्रेस का है. अब बाहर से तो ये बड़ा जताया जाता है कि तीनो बड़े एक है, एक दुसरे का जमकर के साथ दे रहे है और तमाम तरह की बाते भी हो रही है लेकिन जब बात हकीकत पर आती है तो सच कुछ और ही दिखता है. जी हाँ, अभी हाल ही में कांग्रेस का जो हाल एक नियुक्ति को लेकर के हुआ है वो इस गठबंधन की सारी पोल पट्टी खोलते हुए नजर आता है.

कांग्रेस के विरोध को किया नजरअंदाज, ठाकरे ने अजीत पवार को सौंपी कई जिम्मेदारियां
अभी हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने सारथी और प्लानिंग डिपार्टमेंट समेत कई सारे कामो पर बड़े लेवल पर काम शुरू किया है और इसके लिए एक व्यक्ति चाहिए था जिसे की सारी जिम्मेदारियां सौंपी जाए और जिसके पास में सब अधिकार आ जाए. इस पर कांग्रेस पार्टी ने अजित पवार को ये देने का विरोध किया था और कहा था कि पवार को इनमे से कुछ भी न दिया जाए.

मगर अंत में हुआ ऐसा कि शिवसेना और सरकार ने पूरी तरह से कांग्रेस को नजरअंदाज करते हुए अधिकतर चीजो को और अधिकतर अधिकार अजित पवार को सौंप दिये है. ऐसे में कांग्रेस गठबंधन में बेकफुट पर चली गयी है. ये कोई पहली बार नही है, हर बार कांग्रेस को सरकार में भागीदारी देने में या फिर फैसला करने में पूरी तरह से नजरअंदाज किया जाता रहा है जिसके कारण महाराष्ट्र के लोकल कांग्रेस नेता काफी नाराज रहते है मगर क्योंकि हाईकमान बीजेपी को सत्ता से बाहर रखना चाह रही है तो इसी के चलते शिवसेना को समर्थन देना ही पड़ रहा है.

सही मायनों में देखे तो यहाँ पर स्थिति पूरी तरह से डावांडोल हो रखी है और कब कौन किसके नीचे से हाथ खींच ले और सरकार की हालत खस्ता हो जाए कुछ भी कहा नही जा सकता है.