बीजेपी का साथ छोड़ सकता है सबसे पुराना साथी दल, संभावनाएं बढ़ी

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भारतीय जनता पार्टी वैसे तो काफी अधिक मजबूत स्थिति में है और वो अपने अकेले दम पर ही सत्ता में बनी रह सकती है जो इसे बाकी पार्टीयो से बिलकुल ही अलग कर देती है और कही न कही आज बीजेपी अपनी तरफ से एकदम माइंड से फ्री है मगर कही न कही पार्टियां अपने तरफ से कुछ तो करेगी ही करेगी और अपनी नाराजगी भी जताएगी और ऐसा ही कुछ गुस्सा इन दिनों में पंजाब में भाजपा के सहयोगी दल शिरोमणि अकाली दल के साथ में भी देखने में आ रहा है.

कृषि बिल पर अकाली दल नेता दे रहे इस्तीफा, बीजेपी बोली कल को साथ रहेंगे या नही मालूम नही
इसका फैसला वही करे अभी दरअसल हाल ही में भारतीय जनता पार्टी की बात करे तो उन्होंने अपनी केंद्र सरकार की तरफ से एक बिल अध्यादेश के माध्यम से पास करवाया जो कि कृषि में खरीद बेच और ठेके पर देने आदि के नियमो में काफी बड़े स्तर पर बदलाव करने का कार्य करता है और ये काफी ख़ास भी है. मगर इससे शिरोमणि अकाली दल के लोग काफी नाराज है और वो लोग लगातार इसका विरोध कर रहे है.

विरोध की हद को आप इस हद तक समझ सकते है कि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर जो कि मोदी सरकार में केबिनेट मंत्री थी उन्होंने सरकार से ही इस्तीफा दे दिया. पंजाब बीजेपी के प्रमुख अश्वनी शर्मा ने इस पर कहा है कि अभी आज की तारीख में तो अकाली दल एनडीए का हिस्सा है लेकिन कल को क्या होगा इस पर कुछ भी कहा नही जा सकता है. माना जा रहा है कि अगले दो से चार दिन के अन्दर स्थिति स्पष्ट हो जायेगी कि अकाली दल के लोग बीजेपी के साथ में रहते है या फिर अलग हो जाते है.

कही न कही यहाँ पर एक तरह की उलझन की स्थिति बनी हुई है और ऐसे में अगर अकाली दल बीजेपी का साथ छोड़ता भी है तो भी भाजपा को केन्द्रीय स्तर पर बहुत ही बड़ा फर्क नही पड़ने वाला है क्योंकि अकाली दल का बाकी पार्टियों जैसा एनडीए में बड़ा संख्या बल नही है.