अब इस पार्टी ने की मांग, महाराष्ट्र में लगे राष्ट्रपति शासन

423

महाराष्ट्र में इन दिनों में बहुत ही भारी स्तर पर बदलाव की लहर देखने को मिल रही है जिसमे शिवसेना जैसी पुरानी पार्टी के हालात बहुत ही ज्यादा खराब से होते हुए नजर आ रहे है. पहले कंगना का मामला, उससे पहले सुशांत केस में लीपापोती के आरोप लगना, गठबंधन की स्थिरता पर सवाल होना और अब एक पूर्व नौसेना अधिकारी पर इस तरह की चीजे होना कही न कही बाकी के पार्टीयो को बोलने का मौक़ा तो देती ही है और ऐसा ही मौक़ा अब एलजेपी ने भी लपक लिया है जो कि भाजपा की सहयोगी है और एनडीए का घटक दल भी है.

एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान ने की मांग, लगा दो राष्ट्रपति शासन
बिहार की राजनीति में अपनी अच्छी खासी पहचान रखने वाली एलजेपी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने अभी हाल ही में जारी अपने बयान में कहा कि महाराष्ट्र में क़ानून व्यवस्था दिन ब दिन बिगडती ही जा रही है. कंगना रनाउत का दफ्तर तोड़ा जाना भी एक तरह की बदले की ही कार्यवाही है. वो उन बिहार के लोगो को लेकर के भी अब चिंता में है जो कि अभी महाराष्ट्र में रह रहे है.

चिराग पासवान का कहना है कि महाराष्ट्र के निर्माण में सभी लोगो का हाथ है और अगर यहाँ पर ऐसे ही सत्ता का गलत उपयोग होगा और लोगो को निशाना बनाया जाता रहेगा तो फिर वहाँ पर राष्ट्रपति शासन लागू करने के अलावा कोई और रास्ता ही नही बचेगा और मैं इसकी मांग करता हूँ क्योंकि लोग अब इस सरकार से डरे हुए है. उन्होंने बाल ठाकरे का जिक्र करते हुए कहा कि कभी वो भी कार्टून के माध्यम से व्यंग कसने का काम करते थे और अब देखो उनके साथ में क्या हो रहा है?

अगर अगर एक पार्टी ने राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर दी है तो इतनी बात तो तय है कि इसे बाकी पार्टियों में फैलते हुए भी देर नही लगने वाली है और कही न कही शिवसेना के लिए ये दिक्कत वाली बात हो सकती है.