दिल्ली के उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने बतायी दिल्ली की असलियत, हाल हो चुके है बेहाल

363

एक लम्बे समय से अरविन्द केजरीवाल जब से सत्ता में आये है बड़े बड़े दावे कर रहे थे कि हम तो फ्री में बिजली पानी देंगे, अच्छी शिक्षा देंगे और तमाम तरह की चीजे करेंगे लेकिन असल में जब ये लॉक डाउन वाला काल आया तब पता चला कि राज्य की हालत इतनी ज्यादा खस्ता हो चली है जिसका कोई पार ही नही है. अभी हाल ही में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जो बाते कही है वो तो राज्य की असल हालत को बयान करते हुए नजर आ रहे है.

दिल्ली की वित्तीय हालत नाजुक, टीचर्स को सैलरी कहाँ से दे
कभी राजधानी में मुफ्त में काफी कुछ बांटने वाली आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया कह रहे है कि अभी दिल्ली के आर्थिक हालात सही नही है. अपने हाल ही के एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि पिछले चार महीने का जो जीएसटी का मुआवजा बनता है वो केंद्र सरकार देने से मना कर रही है. पहले सरकारे अपने मर्जी से टैक्स बढ़ाती और घटाती थी लेकिन अब केंद्र ने सबके हाथ बाँध दिये है. साथ ही साथ में सिसोदिया ने भी कहते है कि इस बार का रेवेन्यू 57 परसेंट तक कम है.

अब हमारे लिए लोगो को वेतन देना भी मुश्किल हो रहा है. शिक्षा पर और हेल्थ पर खर्च करने के लिए भी पैसा नही है. मनीष सिसोदिया ये भी मेंशन करते है कि दिल्ली की वितीय हालत नाजुक है. इससे पहले आम आदमी पार्टी की सरकार केंद्र से आर्थिक मदद भी मांग चुकी है और कह चुकी है कि उनको पैसो की जरूरत है. तो इस तरह के कुछ दिल्ली के हालात हो चुके है.

ऐसा राज्य जहाँ की सरकार खर्च पर खर्च किये जा रही थी और जिनके पास में बचत के नाम पर कुछ ख़ास था नही तो करोना काल में हालत नाजक होनी ही थी और ऐसे में केंद्र भी अपनी तरफ से जो मदद हो पा रही है वो कर रहा है.