उद्धव ठाकरे ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस का बहुत बड़ा फैसला पलट दिया है

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अभी उद्धव ठाकरे जब से बीजेपी से अलग हुए है और सत्ता में ये है तब से वो तकरीबन हर वो काम करते हुए नजर आ रहे है जो बीजेपी सत्ता में रहते वक्त करने से बिलकुल ही परहेज करती थी. अब आप बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को ही ले लीजिये, ये प्रोजेक्ट भी उद्धव ठाकरे सरकार ने एक तरह से ठन्डे बस्ते में डाल दिया है और अब अगला निशाना ठाकरे सरकार का मुंबई के मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर के है जिसके बीच में भी सरकारी अडंगा अब लग चुका है जो तब तक नही हट सकता जब तक ठाकरे सत्ता में है.

आरे फोरेस्ट को रिजर्व फारेस्ट घोषित करेंगे, मेट्रो शेड का निर्माण बाधित
बीजेपी बड़ी उम्मीद के साथ में मुंबई शहर में मेट्रो प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रही थी ताकि शहर में प्रदूषण कम हो, ट्राफिक समस्या से निजात मिल सके और ससाथ ही साथ में आम लोगो की सहायता हो उनको कम पैसा खर्च करना पड़े. इसके लिए जो शेड बन रहा था उसके लिए आरे जंगल के कुछ हिस्से को साफ़ करना जरूरी था क्योंकि उसके बिना काम संभव न था.

मगर उद्धव ठाकरे सरकार ने इन सब पर पानी फेरते हुए आरे फारेस्ट को रिजर्व फारेस्ट घोषित करने की तैयारी शुरू कर दी है या फिर आप कह सकते है कि कर ही दिया है यानी अब यहाँ पर कोई भी प्रोजेक्ट नही हो सकेगा जिससे मुंबई का हो रहा विकास पूरी तरह से अवरुद्ध हो जायेगा. अगर ऐसे ही मुंबई में कभी बुलेट ट्रेन तो कभी मेट्रो के प्रोजेक्ट रूकते रहे तो बहुत मुश्किल है कि मुंबई अपना आर्थिक राजधानी का दर्जा आने वाले वक्त में बरकरार रख पायेगी क्योंकि अब गुरुग्राम और नॉएडा जैसे शहर ज्यादा स्पीड से प्रगति कर रहे है.

हालांकि कई एक्सपर्ट्स ने सुझाव दिया था कि अगर आपको इकनोमिक बेलेंस की इतनी चिंता है तो आप जितने पेड़ काट रहे है उतने ही पेड़ और दूसरी जगह पर आस पास लगा दीजिये जिससे कि सब कुछ बेलेंस हो जाये लेकिन ये करना बेहद जरूरी है अगर मुंबई की दिक्कतों को सोल्व करना है.