मोदी ने चीन और पाक के खिलाफ ऐसा फैसला लिया, जिसकी सारी दुनिया में तारीफ़ हो रही है

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आज भारत अपनी विदेश नीति में बहुत ही वृहद् स्तर पर बदलाव कर रहा है और ये बदलाव कोई छोटे मोटे स्तर पर तो नही हो रहे है बल्कि बहुत ही बड़े स्तर पर हो रहे है और ये सबको सीधे तौर पर जाहिर तौर पर प्रभावित करेंगे ही करेंगे. अब आप कह रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या हो रहा है? तो चलिए हम आपको बताते है कि ऐसा क्या होने जा रहा है? दरअसल भारत ने हाल ही में चीन और पाक की वजह से रूस के एक आमन्त्रण को अस्वीकार कर दिया है.

रूस के आमन्त्रण पर भारत करने वाला था एक संयुक्त सैन्याभ्यास, चीन और पाक के मौजूद होने की वजह से कदम हटाए
भारत एससीओ ग्रुप का मेंबर है जिसके तहत रूस में एक बहुत ही बड़े लेवल पर सैन्य अभ्यास होने वाला था जिसमे कई देशो की सेना सम्मिलित होगी और आपस में सैन्य अभ्यास होगा. मगर भारत ने यहाँ से कदम हटा लिए है और कहा है कि फ़िलहाल की स्थितियों के चलते हुए हम इस अभ्यास का हिस्सा नही बनेंगे लेकिन रूस के साथ हमारी स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप वैसी ही बनी रहेगी. माना जा रहा है कि चीन और पाक के भी उस अभ्यास में होने की वजह से भारत ने वहाँ से बाहर निकलने का फैसला किया.

अब हम बात करते है कि दुनिया इसकी तारीफ़ क्यों कर रही है? दरअसल अब तक भारत की विदेश नीति स्पष्ट नही थी. भारत अमेरिका और जापान समेत यूरोपियन देशो से भी दोस्ती बनाता था और उधर चीन से भी हाथ मिला रहा था पाक से भी कई बार गले मिल लिया तो बाकी के देशो की नजर में भारत की इमेज ऐसी हो गयी थी कि भारत कोई स्पष्ट स्टैंड ले ही नही सकता है, मगर अब इस स्टैंड के बाद ये धारणा बदल जायेगी.

माना जा रहा है कि अब भारत खुदको अमेरिका के साथ में और जापान के साथ अलाइन करने की कोशिश करेगा और अपनी स्थिति ब्रिक्स जैसे संगठनों से कम करके क्वाड जैसे ग्रुप में बढ़ाएगा. सही मायनों में देखे तो इसमें भारत का फायदा भी है.