कांग्रेस पार्टी में लौटने के बाद में राहुल गांधी की तरफ से सचिन पायलट की घनघोर बेइज्जती

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एक लम्बे अंतराल के बाद में सचिन पायलट वापिस कांग्रेस पार्टी में लौट तो आये है लेकिन अब उनका यहाँ पर रहना पहले की तरह आसान नही रहा है बल्कि कई ज्यादा मुश्किल हो चला है. आये दिन सचिन पायलट को विरोध का सामना करना पड़ रहा है, उनको काफी सारी दिक्कते भी आ रही है और अभी हाल ही में तो उनके साथ में जो राहुल गांधी के दफ्तर के द्वारा किया गया है वो तो और भी ज्यादा परेशानी खड़ी कर रहा है और सचिन पायलट को डाउनग्रेड टाइप महसूस करवा रहा है.

पायलट ने माँगा था राहुल से मिलने का वक्त, नही दिया गया टाइम
अभी राजस्थान में पायलट को लेकर के काफी कशमकश का माहौल चल रहा है. हाल ही में ही एक विधायक दल की तरफ से मांग की गयी थी कि पायलट गुट के खिलाफ हाई कमान कार्यवाही करे और उनके खिलाफ उनके किये पर एक्शन लिया जाए. इन सब स्थिति के बीच में सचिन पायलट ने राहुल  गांधी से मुलाक़ात करने के लिए वक्त माँगा तो राहुल के ऑफिस से उनके लिए इनकार कर दिया गया है. जी हाँ, जो राहुल उनके लिए हर वक्त उपलब्ध रहते थे अब वो उनको मुलाक़ात के लिए भी वक्त नही दे रहे है.

अब कारण जो भी रहा है या फिर जो भी दिया गया है मगर जब राहुल अध्यक्ष पद तक पर भी नही है ऐसे में भी वो पायलट से नही मिल रहे है तो सोनिया गांधी जो कि अध्यक्ष है वो तो पता नही मिलेगी भी या फिर नही? ये अपने आप में एक तरह से बेज्जती की तरह देखा जा रहा है क्योंकि अचानक से एक नेता को इस हद तक डाउनग्रेड कर देना उसके राजनीतिक करियर पर भी खतरे पैदा कर देता है और अभी पायलट के साथ में ऐसा ही कुछ होते हुए नजर आ रहा है.

वही गहलोत चाहे अब पायलट से ठीक से बात कर रहे है लेकिन मन ही मन में उनकी जो नाराजगी पायलट के साथ में है वो किसी से भी छुपी हुई नही है और कही न कही ये पायलट के करियर को भी प्रवाहित करने जा रहा है.