मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ ने रक्षा क्षेत्र में तोड़े रिकॉर्ड, भारत को मिला इतना बड़ा आर्डर

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भारत एक वक्त से अगर हम देखे तो रक्षा क्षेत्र में आयातक ही रहा है. कभी रूस से चीजे खरीदी जाती है तो कभी फ्रांस से खरीदी जाती है तो कभी अमेरिका से डील होती है और ऐसे में भारत का अपना रक्षा के क्षेत्र में बहुत ही ज्यादा खर्च होते जा रहा है मगर लग रहा है कि अब चीजे बदल रही है और भारतीय कम्पनियां अब विश्व स्तर पर जाकर के बड़ी बड़ी वैश्विक कम्पनियों को चेलेंज कर रही है जो अपने आप में देश की इमेज को बदल देने वाला साबित हो रहा है.

थाईलैंड की शाही सेना ने दिया टाटा ग्रुप को 600 मिलिट्री ट्रक का आर्डर, आत्मनिर्भर भारत की तरफ
कदम अभी की मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया है कि थाईलैंड की शाही सेना के लिए लगभग 600 ट्रको की जरूरत थी जिसका बॉर्डर भारत की सबसे बड़ी ऑटो कम्पनी टाटा ग्रुप को दिया गया है. टाटा के 600 मिलिट्री ट्रक थाईलैंड की रॉयल आर्मी को उपलब्ध करवाए जायेंगे. इनके बारे में कहा जाता है कि ये ट्रैक एकदम रफ एंड टफ है और देश की सेवा करने की लिए एकदम फिट माने जाते है.

वही सिर्फ टाटा ही नही बल्कि अशोक लीलेंड के ट्रक भी दुनिया भर में सप्लाई हो रहे है और भारत के मेक इन इंडिया अभियान को सफल करने में मदद कर रहे है. इसके अलावा मोदी सरकार रक्षा क्षेत्र में भी एफडीआई और प्राइवेट दखल लाने की कोशिश कर रही है जिससे कि सिर्फ ट्रक ही नही बल्कि बाकी सब जो भी इक्वीपमेंट जो सेना द्वारा इस्तेमाल किये जाते है उनकी क्वालिटी भी सुधर सके और फिर उनका एक्सपोर्ट भी आगे से आगे किया जाएगा.

वही टाटा को मिला ये आर्डर भारत को दुनिया की बाकी सेनाओं के लिए भी एक विश्वसनीय स्थान बनाएगा इस बात में कोई भी संशय नही है. मगर एक सवाल ये भी है कि इन चीजो को कब तक मेंटेन रखा जा सकेगा? भारत को आगे काफी कम्पीटीशन का सामना भी जाहिर तौर पर करना ही पड़ेगा.