जनरल रावत ने दिये चीन से जंग के संकेत, कहा अगर..

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भारत और चीन के बीच में काफी लम्बे समय से द्विपक्षीय वार्ता डिप्लोमेटिक स्तर पर चल रही है लेकिन इतने महीनो की बातचीत के बाद भी अब तक मुद्दे पर एक सहमती नही बन पायी है और इसके पीछे का कारण ये है कि चीन चाह ही नही रहा है कि मामले पर सहमती बने और वो इसे लम्बे पर लम्बे खींचे जा रहा है. कभी अरुणाचल प्रदेश में छेड़खानी कर रहा है तो कभी लद्दाख में डिप्लॉयमेंट कर रहा है. एक तरफ तो बातचीत का दिखावा और दूसरी तरफ इस तरह की हरकते चल रही है.

सीडीएस जनरल रावत ने कहा, अगर वार्ता फेल हुई तो सैन्य विकल्प भी टेबल पर मौजूद है
भारत के सर्वोच्च सेना अधिकारी जनरल बिपिन रावत ने हाल ही में अपने एक बयान में कहा है कि अगर चीन के साथ में जो डिप्लोमेटिक वार्ता चल रहे है वो विफल रहती है तो भारत के पास में टेबल पर सैन्य कार्यवाही के विकल्प भी मौजूद है. यानी जनरल रावत साफ़ साफ़ शब्दों में कह रहे है कि अगर बातचीत चीन ढंग से नही करता है तो फिर हमें लाइन पर लाने के दुसरे रास्ते भी अच्छे से आते है.

बात सिर्फ यही पर ही नही रूकती है. भारत ने चीन के प्रत्युत्तर में चीन से सटे बॉर्डर पर हर जगह भारी मात्रा में सेना को डिप्लॉय किया है और कई सारे हेलीकाप्टर से लेकर एयरक्राफ्ट भी वहाँ पर गश्त लगा रहे है. ऐसा इसलिए किया जा रहा ताकि चीन कही से भी कुछ भी कोशिश करे भारत उसे पीछे खदेड़ दे और ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि इतने महीनो की वार्ता के बाद भी भारत और चीन के बीच में कोई वार्ता ढंग से पूरी तरह से सफल नही हो पायी है.

कही न कही ये चीज बताती है कि अब सेना के लोग भी खीझ चुके है क्योंकि ये चूहे बिल्ली के खेल की तरह हो चला है जहाँ पर चीन बातचीत का दिखावा भी कर रहा है और शान्ति भी स्थापित नही होने दे रहा है.