अमेरिका ने कहा रूस को नजरअंदाज कर दे भारत, जानिये क्या है वजह

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भारत फ़िलहाल दुनिया में उस मुहाने पर खड़ा हो रखा है जहाँ पर चीजे बिलकुल ही अलग लेवल पर बदल रही है. आप खुद भी इस बात को देख रहे होंगे. एक तरफ भारत का चीन से विवाद चल रहा है और दूसरी तरफ अमेरिका और रूस दोनों ही भारत को अपनी अपनी तरफ करने की कोशिश में लगे हुए है और इसी बीच अमेरिका की तरफ से एक ऐसा बयान आया है जिसमे वो सीधे तौर पर रूस से भारत को अलग होने के लिए कह रहा है. आखिर ऐसा क्या हो गया कि अमेरिका को ऐसा कहना पड़ रहा है?

अमेरिकी सीनेटर मार्को रूबियो ने कहा, चीन मामले में रूस को नजरअंदाज करे भारत
तो बेहतर अमेरिकी सीनेटर मार्को रूबियो डोनाल्ड ट्रम्प के काफी ख़ास और करीबी है जो अमेरिकी विदेश नीति को भी तय करते है उन्होंने बाकायदा एक पूरा आर्टिकल लिखा है कि भारत को रूस को क्यों चीन मामले में इग्नोर कर देना चाहिए? अमेरिका का कहना है कि अभी आने वाले समिट में पुतिन भारत और चीन के बीच में दोस्ती कराने की कोशिश करेंगे ताकि वो अपनी छवि को और ज्यादा ताकतवर बना सके जबकि इसमें भारत को घाटा ही है.

ऐसा इसलिए है क्योंकि चीन और रूस दोनों ही एक दुसरे के काफी करीब है और रूस की चीन पर निर्भरता अधिक है तो इस वजह से रूस चीन के फेवर में ज्यादा होगा और भारत के चीन के साथ विवाद में रूस की मध्यस्थता को स्वीकार करने का अर्थ है चीन की सुप्रीमेसी को स्वीकार कर लेना जो कि ठीक नही है.

अमेरिका ने भारत से साफ़ तौर पर कहा है कि अभी हिन्दुस्तान ने जो रूख चीन के खिलाफ अपना रखा है उसे जारी रखा जाना चाहिए. एप्प को हटाना सामान रोकना और तमाम चीजे है जो भारत को एक मजबूती दे रही है. ऐसे में वो अगर अमेरिका के साथ आता है तो ये फायदे की बात ही होगी. खैर अब ये भारत की सरकार को तय करना है कि वो आगे चलकर के क्या करती है.