सचिन पायलट के वापिस आते ही उनको पार्टी ने दी ये नसीहत

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अब सचिन पायलट इतने सारे बवाल के बाद में पार्टी में अच्छे तरीके से लौट आये है और उनके लौटने के बाद में जाहिर तौर पर उनकी पहले वाली हैसियत तो रह नही गयी है. काफी सारी चीजे है जो पायलट के हाथ से छीन ली गयी है और कही न कही सचिन पायलट को अब दुबारा से वो सब पाने के लिये जूझना पड़ेगा ये जाहिर सी बात है. मगर सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि अब तो उनको नसीहते दी जाने लगी है और उन्हें मोरल ड्यूटी आदि के पाठ पढाये जा रहे है.

सभी जूनियर नेता अपने सीनियर नेताओं का सम्मान करे
आपको मालूम तो होगा ही कि अभी फ़िलहाल कांग्रेस पार्टी ने राजस्थान में हालात संभाले रखने के लिए अपने महासचिव अजय माकन को भेजा हुआ है जिन्होंने मीडिया से बात के दौरान कहा कि जब पार्टी में नेता काम करते है तो उन्हें जल्द ही प्रमोट किया जाता है और उंचाई मिलती है अब मेरा उदाहरण ही देख लीजिये. इसके बाद में अजय माकन ने जो कहा है वो एक तरह से सचिन पायलट के लिए नसीहत भी मानी जा रही है और उनको टार्गेट किया है ऐसा भी कहा जा रहा है.

माकन ने कहा कि पार्टी के सभी जूनियर नेताओं को सभी सीनियर नेताओ का सम्मान करना चाहिए. वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कुछ भी नही बोला जाना चाहिए. राजनीति में कई बार खूब सारी विपरीत परिस्थितियाँ आती रहती है लेकिन हमें देखिये हमने कभी भी शीला दीक्षित जी के खिलाफ कुछ भी नही बोला है. इसके बाद में माकन ने अहमद पटेल की तारीफ़ करते हुए कहा कि वो पार्टी के संकट मोचक है जिन्होंने सारा मामला सुलझा लिया है.

अब खैर जो कुछ भी है इस काम के बाद में कही न कही सचिन पायलट की रेपुटेशन काफी हद तक झुक गयी है और अशोक गहलोत का कद पहले की तुलना में कई गुना ज्यादा बड़ा हो चुका है. आगे चलकर के उन्हें चुनौती कोई देगा ऐसा सोचना भी बेमानी होगी.