मोदी सरकार के इस फैसले से नाखुश सुब्रमण्यम स्वामी, पत्र लिखकर पलटने की मांग की

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अभी जिस तरह का माहौल देश भर में चल रहा है उस स्थिति में कही न कही लोगो की हालत बड़ी ही खस्ता हो रखी है और हर कोई अपना अपना अलग अलग ओपिनियन बना रहा है चाहे वो बड़े स्तर के नेता ही क्यों न हो? कभी लॉकडाउन को लेकर मतभेद, कभी मेट्रो खोलने न खोलने पर मतभेद, कभी बॉर्डर खोलने पर मतभेद तो कई सारी चीजे है जो होती ही है और भी इन दिनों सरकार में कुछ परीक्षाओं को लेकर के आपस में कलह देखी जा सकती है और ऐसा करने की जाहिर तौर पर हिम्मत सिर्फ स्वामी जी ही रखते है.

अभी जेईई मेन और नीट की परीक्षा करवाने के विरोध में स्वामी जी, पीएम मोदी को लिखा अर्जेंट लेटर
आपको अगर जानकारी हो तो देश में उच्च स्तर के डॉक्टर और इंजिनियर बनाने के लिए होने वाली परीक्षा नीट और आईआईटी जेईई मेन को सितम्बर में करवाने का निर्णय किया गया है जो कि बहुत ही ज्यादा नजदीक की डेट है. अभी करोना के हाल तो सबको मालूम ही है और ऊपर से ट्रांसपोर्ट तो अपनी पूरी शक्ति के साथ काम भी नही कर रहा है तो कई लोग है जो इस फैसले को बदलने की मांग कर रहे है.

भाजपा से ही राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री मोदी जी को एक अर्जेंट लैटर लिखा है और कहा है कि इस परीक्षा में लाखो बच्चे है जो शामिल होते है, इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है इसलिए ये परीक्षा दिवाली के बाद में आयोजित करवाई जाए. इसके अलावा स्वामी जी ने शिक्षा मंत्री जी से भी बात की है और कहा है कि कुछ करके परीक्षाओं को थोडा सा आगे खिसका दिया जाए क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा निर्धारित करने का समय सरकार पर छोड़ दिया है.

ऐसे में मोदी सरकार क्या कदम उठाती है और क्या वाकई में ऐसा कुछ होने की संभावना नजर आती है कि परीक्षा आगे खिसकेगी? अभी कोई भी कुछ भी कह नही सकता है लेकिन फिर भी बच्चे तो यही चाह रहे है कि अभी की स्थिति में इतने बड़े स्तर पर परीक्षा न ही करवाई जाये तो बेहतर रहेगा.