कांग्रेस पार्टी में वापिस लौटने के बाद सचिन पायलट का बड़ा यू टर्न, दिया ये बयान

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सचिन पायलट एक अच्छे खासे वक्त के बाद में कांग्रेस पार्टी में वापिस आ गये है जिसकी उम्मीद अगर आज से दो महीने पहले के वक्त में देखे तो किसी को भी नही थी क्योंकि पायलट लगभग डेढ़ दर्जन विधायको के साथ में गुरुग्राम साइड चले गये थे मगर फिर पीछे से अशोक गहलोत ने बहुमत फिर भी साबित कर दिया और देखते ही देखते पायलट की चमक फीकी पड़ने लगी और वो कुछ समझौतों के साथ में कांग्रेस में वापिस लौट आये और सब कामो में वैसे ही लग गये. मगर अब उनके पास कोई बड़ा पद नही.

पायलट बोले, पद देने का निर्णय करना हाईकमान का काम
अब तक सचिन पायलट की एक अनकही लड़ाई अपने लोगो का काम करवाने, पद और पॉवर आदि को लेकर के ही नजर आ रही थी लेकिन अब चीजे बिलकुल ही उलट नजर आती है मानो पायलट ने एक तरह से यू टर्न ही ले लिया है. सचिन पायलट ने अभी अपने हाल ही के बयान में कहा कि मुझे किसी भी पद की लालसा नही है. कौन सरकार में रहकर के काम करेगा और कौन संगठन का काम करेगा ये कमिटी में तय होता है और अंत में जो अध्यक्ष का निर्णय होता है वही माना जाता है.

यही नही सचिन पायलट सोनिया गांधी आदि की तारीफ़ भी करते हुए नजर आये और कहने लगे कि जो भी होगा मुझे स्वीकार है. कुल मिलाकर के देखे तो पायलट के जो बगावती तेवर पहले हुआ करते थे वो बिलकुल ही ठन्डे हो चुके है और वो अब कांग्रेस में जो भी मिल रहा है उसे संतोष के साथ में लेकर के काम चला रहे है. मगर देखा जाये तो उनके साथ में काफी ज्यादा ज्यादती तो हो ही चुकी है.

पायलट आज न तो उपमुख्यमंत्री पद पर है, न ही उनके पास प्रदेश अध्यक्ष का पद है, विधानसभा में भी उनकी सीट पीछे खिसका दी गयी है जबकि पहले वो सीएम के पास बैठा करते थे और तो और उनका साथ देने वाले नेताओं के भी कई पद और पॉवर जाते रहे है तो उनका भरोसा भी कही न कही पायलट ने खोया ही है.