सरकारी नौकरी पाने का सपना देखने वालो के लिये मोदी सरकार का बड़ा ऐलान

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भारत में सरकारी नौकरी पाना कोई हंसी खेल वाला काम नही है क्योंकि यहाँ पर एक तो इतना ज्यादा कम्पीटीशन है जिसकी कोई हद नही है. ऊपर से फिर हर नौकरी हर स्टेट में आप जाओगे तो आपको अलग अलग तरह के सलेबस और अलग अलग तरह के टेस्ट मिलेंगे. ऐसे में जो लोग कॉमन ग्रेजुएट है वो समझ ही नही पाते कि वो किसकी कैसे तैयारी करे? बस ऐसी ही दिक्कतों को समझते हुए मोदी सरकार ने देश में नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी का गठन कर दिया है और ये एक ऐतिहासिक फैसला माना जा रहा है.

केंद्र सरकार व सरकारी बैंको के नॉन गजेटेड पदों के लिए होगा कॉमन टेस्ट, एनआरए को मिली मंजूरी
मोदी सरकार ने अब एनआरए यानी नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी को मंजूरी दे दी है. ये एजेंसी अब केंद्र सरकार के जो भी नॉन गजेटेड पद है, सरकारी बैंक्स में भर्तियाँ है उनके लिए एक कॉमन एलिजिबलिटी टेस्ट निकालने वाला है. इस टेस्ट के माध्यम से युवा अपना एक ही टेस्ट देकर के अपने आपको क्वालीफाई कर पायेंगे. इससे उनके लिए अलग अलग तैयारिया करने वाला झंझट खत्म हो जाएगा. हाँ आगे बाद में एडवांस लेवल पर कुछ अलग से टेस्ट आपको देने पड़ सकते है जो उस जॉब के लिए जरूरी होते है.

इसके अलावा दसवी पास, बारहवी पास और ग्रेजुएट पास लोगो अलग अलग परीक्षा होगी क्योंकि सबकी शिक्षा का स्तर और मिलने वाली पोस्ट्स भी तो अलग अलग ही होती है तो ऐसे में उनके लिए अलग अलग ही लेवल की परीक्षा होगी बाकी चीजे काफी ज्यादा बेहतर इससे होने के आसार है. पीएम मोदी और अमित शाह ने खुद ट्वीट करके इस बारे में जानकारी दी है और काफी कुछ बताया है.

अब सवाल यही है कि आगे चलकर के ये किस हद तक सफल होता है? क्योंकि अभी ये टेस्टेड चीज नही है और हो सकता है कुछ लोग इसका विरोध भी करे लेकिन जब ये चार से पांच साल चलेगा तो संभव है कि इसके कुछ एक सकारात्मक परिणाम नजर आने लग जाये.