शरद पवार ने लिखी पीएम मोदी को चिट्ठी, कहा ये काम आप ठीक नही कर रहे

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में काफी बड़े बड़े फैसले लिए है काफी बड़े बदलाव किये गये है और ऐसा होने पर काफी सारे लोग है जो अपनी सहमती दर्ज करवायेंगे और जाहिर तौर पर बहुत से लोग है जो अपनी असहमति भी दर्ज करवाएंगे. वही जो लोग विपक्ष में है वो तो कितना ही अच्छा फैसला है उस पर भी अपनी तरफ से आपत्ति जाहिर करेंगे ही करेंगे. अब हाल ही की बात ही ले लीजिये, बैंको के एक मुद्दे को लेकर के शरद पवार ने बाकायदा प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी ही लिख दी और काफी कुछ कहा.

पवार ने लिखी मोदी को चिट्ठी, बैंको के निजीकरण पर उठाये सवाल
शरद पवार ने प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखकर के को ऑपरेटिव बैंको को बचाने की मांग की है. पवार ने लिखा कि ये बैंक भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ रह है, इन्होने बैंकिंग साक्षरता को बढाने का भी काम किया है. इनका जो चरित्र है उसी को ही कायम रखा जाना चाहिए तभी ये ग्रामीण लोगो की मदद करने में कामयाब हो पायेंगे.

पवार आगे कहते है कि सरकार जो सहकारी बैंक्स को प्राइवेट करने की कोशिश कर रही है वो सही नही है. 15 अगस्त को आपने लाल किले से कहा था कि सहकारी बैंक्स को रिजर्व बैंक की निगरानी में लाया गया है ताकि मध्यम वर्ग के हितो की रक्षा की जा सके. सरकार इनके निजीकरण की कोशिश करना बंद करे वही मोदी सरकार का कहना है कि लोगो को एक बेहतर एक्सपीरियंस देने के लिए और सर्विसेज में सुधार लेने के लिए जो भी सुधार है वो तो लेने ही पड़ेंगे.

अब ऐसा भी नही है कि मोदी स्वयम बैठकर के सारे फैसले ले लेते है. उनके पास में देश के सबसे बुद्धिमान और एक्सपर्ट लोगो के पैनल मौजूद है जो अपने विश्लेषण प्रस्तुत करते है और बताते है कि भविष्य में इसकी नजदीकी और दूरगामी परिणाम क्या हो सकते है जिसके बाद में जाकर के ऐसे फैसले हो पाते है.