सचिन पायलट वाली मुसीबत से निकले और अब एक नये जाल में फंस गये अशोक गहलोत

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राजस्थान कांग्रेस इन दिनों बड़ी ही अस्थिरता के दौर से गुजरी है और जिस तरह के हालात अशोक गहलोत को अब इन दिनों में देखने पड़े है वो उनके उच्च राजनीतिक करियर में पहली बार ही आये है और काफी अधिक हैरान करने वाले भी थे. खैर अभी तो सचिन पायलट भी लौट आये है और सब चीजे सामान्य भी हो गयी है लेकिन फिर भी अभी अशोक गहलोत की मुश्किलें कम नही हुई है क्योंकि इन दिनों वो एक और नयी दिक्कत में फंसते हुए नजर आ रहे है और वो दिक्कत है फोन टैपिंग की.

गहलोत सरकार पर सत्ता के दुरूपयोग का आरोप, बीजेपी नेताओं की फोन टैपिंग करवाई
अभी जब ये पायलट वाला पूरा केस हुआ तब उन दिनों में बीजेपी के कुछ नेताओं जिनमे केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत भी शामिल थे उनकी कुछ एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल हुई थी और इसे जाहिर तौर पर कही न कही कांग्रेस की बैकिंग मिलते हुए नजर आ रही थी जिसके बाद में बवाल भी हुए और अब जब चीजे पटरी पर आ रही है तो बीजेपी इस टैपिंग वाले मुद्दे को छोड़ने को तैयार नही है.

भाजपा लगातार गहलोत सरकार पर आरोप लगा रही है कि गहलोत सरकार अपनी पॉवर का गलत इस्तेमाल करते हुए विपक्ष के लोगो की फोन टैपिंग करवाती है. हालांकि गहलोत सरकार इन आरोपों का खंडन कर रही है लेकिन बीजेपी ने पूरा प्लान कर लिया है कि वो इसे लेकर के विधानसभा में हंगामा करेंगे और सवाल पूछेंगे. वरिष्ठ बीजेपी नेता कालीचरण शराफ ने भी इसी मुद्दे को बार बार उठाया है और कही न कही इस कारण से अब गहलोत सरकार को दिक्कत आ सकती है.

हालांकि फोन टैपिंग कोई नई चीज नही है. ये अक्सर ही देखने में आती रही है और कही न कही सत्ता में बैठी सरकारे शुरू के समय से ही इसका दुरूपयोग करती आयी है और इसमें कोई अधिक कार्यवाही देखने को नही मिलती है जो विपक्ष की आजादी को कही न कही खतरे में ही डालती है.