लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी ने दी एक साथ चीन और पाकिस्तान को डायरेक्ट चेतावनी

254

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को 15 अगस्त पर एक बार फिर से लाल किले से संबोधित किया. इस बार हमेशा की तरह बहुत ही अधिक भव्य और बड़ा कार्यक्रम आयोजित नही हुआ क्योंकि हालात तो आप भी बेहतर तरीके से जानते है कि करोना ने सब कुछ किस तरह से बिखेर के रखा हुआ है. मगर ऐसे में भारत अपने पड़ोसियों से भी तो जूझ रहा है और उनको भी पीएम अच्छे तरीके से टेकल कर रहे है जो कि हमें उनके आज के लाल किले से कहे जा रहे भाषण में भी नजर आया है.

एलएसी से एलओसी तक जिसने भी उठायी आँख, सेना ने उसे दिया उसी भाषा में जवाब
देश को लाल किले से सातवी बार संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश की संप्रभुता हमारे लिए सबसे ऊपर है. हमारे जवाब इस संकल्प को निभाने के लिए क्या कर सकते है ये बात दुनिया ने लद्दाख में अच्छे से देख ली है. एलएसी से लेकर एलओसी तक जिसने भी देश पर आँख उठायी है उसे हमारी सेना ने उसी भाषा में जवाब दिया है.

प्रधानमंत्री जी कहते है कि हमारे पडोसी देश चाहे वो जमीन से हो या समंदर से जुड़े हुए हो सबके साथ में हम सम्बन्ध, सुरक्षा और विकास की साझेदारी को बढ़ा रहे है. दक्षिण एशिया में विश्व की एक चौथाई जनसँख्या रहती है हम चाहे तो यहाँ पर विकास की अपार संभावनाए पैदा कर सकते है. प्रधानमंत्री मोदी यहाँ पर न सिर्फ अपने पड़ोस के देश जैसे चीन और पाक को मुंह तोड़ जवाब देने की बात करते हुए नजर आये वही भूटान जैसे देशो से अपनी साझेदारी का उन्होंने जिक्र भी किया.

कही न कही अब भारत बेहद ही सख्त और पिन पॉइंट विदेश नीति की तरफ आगे बढ़ चुका है जहाँ पर झुकना किसी भी कीमत पर स्वीकार नही है. हाँ दोस्ती करनी है तो फिर भारत जरुर हाथ आगे बढाता है और ये आजादी के बाद से अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक कही जा सकती है.