राजस्थान की राजनीति में बदल गया पूरा खेल, सचिन पायलट के तेवर पूरी तरह बदले

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एक से दो महीने के लम्बे सियासी ड्रामे के बाद में आखिरकार राजस्थान की  राजनीती की सतह से लहरे उठना कम हुई है और कही न कही इस कारण से कांग्रेस पार्टी भी काफी शान्ति महसूस कर रही है. आपको मालूम ही होगा कि सचिन पायलट एक लम्बे समय से कांग्रेस से दूर जाकर के हरियाणा में बैठे हुए थे और वहां पर उनके विधायक भी मौजूद थे. एक तरह से उन्होंने बगावत कर दी थी और ऐसा लगता था कि अगर थोडा और जोर लगाया तो शायद कांग्रेस की सरकार गिर जायेगी, मगर हाल ही में जो हुआ है उसने तो सारा खेल ही बदल दिया है.

पायलट ने दिये वापिस शान्ति से लौटने के संकेत, गहलोत और हाईकमान से चल रही वार्ताये
सचिन पायलट के खेमे की तरफ से लगातार अब कोशिशे की जा रही है कि उनको वापिस बुला लिया जाये. कभी मान मनव्वल के बाद भी नही मानने वाले सचिन पायलट ने खुद दिल्ली में जाकर के राहुल गांधी से मुलाक़ात की और सूत्र बताते है कि वो कुछ शर्तो के साथ में वापिस लौटना चाहते है. वही पायलट के ख़ास भंवरलाल शर्मा ने भी जयपुर जाकर के गहलोत से मुलाकात की.

उनकी तरफ से वापिस लौटने के प्रस्ताव एक तरह से रख दिये गये है और उधर यूथ कांग्रेस के आधिकारिक पेज पर सचिन पायलट का फोटो अपने तो अपने होते है कैप्शन के साथ में शेयर किया गया है. यानी अब इनकी दूरियां खत्म हो रही है और मन से या फिर अनमने मन से पर पायलट वापिस गहलोत के पास उनके अंडर लौटने की तैयारी कर रहे है. हालांकि पिछले कुछ दिनों में जो बयानबाजी हुई है उसकी दूरियां तो शायद ही कभी भर सकेगी.

बाकी पायलट के पास में अधिक संख्या में विधायक न होने के कारण उनको ऐसा करना ही पड़ा. अगर उनके पास में सपोर्टरो की संख्या बड़ी होती तो ये बड़ी दिक्कत वाली बात हो सकती थी गहलोत के लिए, लेकिन ऐसा हो नही पाया.