राजस्थान में गहलोत सरकार ने लिया बड़ा यू टर्न, पायलट की बड़ी जीत

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पिछले दो महीने के करीब का वक्त बीत गया है और राजस्थान में विधायको की बाडेबंदी का काम तो रोके नही रूक रहा है. ऐसे में आगे ये खेल कहाँ तक जाएगा ये कोई नही जानता है क्योंकि एक तरफ तो गहलोत और दूसरी तरफ सचिन पायलट दोनों ही लोग अपनी अपनी जिद पर अड़े हुए है. काफी वक्त से पायलट समर्थक विधायक तो एनसीआर में ही डेरा डाले हुए थे. आपको मालूम हो तो एसओजी के माध्यम से गहलोत सरकार ने इनके खिलाफ राजद्रोह जैसे मुक़दमे तक दर्ज करवा दिये थे.

एसओजी ने एफआई आर की तीन फाइले बंद की, खरीद फरोख्त जैसे आरोप नही टिक पाए
लगभग 28 दिनों की उठापटक के बाद में एसओजी की तरफ से जो खरीद फरोख्त के सम्बन्ध में तीन एफआईआर दर्ज की गयी थी वो अब बंद कर दी गयी है. अब केस बंद हो गये है तो क्या ये समझा जाए कि पायलट खेमे और बीजेपी के बीच में जो खरीद फरोख्त के आरोप लगे थे वो बिलकुल ही बेबुनियाद साबित हुए है? बात यही पर ही नही रूकती है.

अब पायलट खेमे के खिलाफ जो राजद्रोह जैसे मुकदमे दर्ज किये गये थे वो भी बंद किये जा रहे है और ये उनके लिए एक बड़ी जीत की तरह देखा जा सकता है क्योंकि वो लोग पीछे नही हटे है और बैठे बिठाए उनका काफी सारा काम हो गया है. इन चीजो से एक ही बात समझ आती है कि गहलोत धीरे धीरे ही सही लेकिन यू टर्न लेने की मुद्रा में आ गये है और दबे मन से कांग्रेस वापिस बागी हुए विधायको को शायद वापिस भी लेना चाहती है लेकिन पायलट खेमा तो बिलकुल ही रूठकर के बैठा हुआ है.

इन सबके बीच में बीजेपी का क्या रोल रहता है और क्या बीच में वो कोई तूफ़ान ले आती है? ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा. मगर अभी के लिए लगातार गहलोत अपनी सरकार को बचाने के प्रयास में लगे हुए नजर आ रहे है.