ओवैसी ने जतायी मंदिर निर्माण पर फिर आपत्ति, तो इकबाल अंसारी ने ही दे दिया जवाब

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मंदिर निर्माण का कार्यक्रम शुरू हो चुका है और कई सारे लोग है जो खुश भी है और कई सारे लोग ऐसे भी है जो इस कारण से नाराज भी हो रखे है और हर किसी के अपने अपने कारण है जिसके कारण वो ऐसा कर रहे है. अव खुश होकर के बोलने वालो की तो बड़ी संख्या है ही लेकिन सब रंग में भंग डालने का काम लगातार ओवैसी किये ही जा रहे है और अभी हाल ही के बयानों के बाद में ऐसा और भी ज्यादा होते जा रहा है जब वो फिर से मस्जिद की पैरवी करते नजर आ रहे है.

ओवैसी ने कहा मस्जिद थी है और रहेगी, अंसारी ने नकारा
ओवैसी ने मंदिर के भूमि पूजनसे नाराज होकर के ओवैसी ने एक के बाद एक कई सारे विवादित बयान दिये है जिसमें ओवैसी ने कहा है कि यहाँ पर मस्जिद थी है और हमेशा रहेगी. ओवैसी ने ये भी कहा कि पीएम मोदी ने इस समारोह में जाकर के अपनी संविधान की शपथ को तोडा है. अगर पीएम भावुक है मंदिर को लेकर के तो मैं भी इमोशनल हूँ क्योंकि वहाँ पर 450 साल तक मस्जिद थी.

इन सब बयानों पर जब इकबाल अंसारी से एक टीवी कार्यक्रम में सवाल किया गया तो उन्होने कहा लोग मुझसे पूछते है कि क्या मुझे मंदिर का न्योता मिला है तो हाँ मुझे मिला है और मैं जाऊँगा. अब नौ महीने हो गये है और मुस्लिमो की तरफ से कोई दरख्वास्त नही पड़ी है, अब हिन्दू मुस्लिम का कोई विवाद ही नही है. ओवैसी की बातो को नकारते हुए अंसारी ने कहा कि विवाद अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद में इस पर कोई बात हो ही नही सकती है.

हमारी एकता सबसे बढकर है चाहे हम किसी भी मजहब को मानते हो. अपनी सुप्रीम कोर्ट में हार के बाद में इकबाल अंसारी के पास ये बयान देने अलावा वैसे भी कोई और रास्ता नही बचता है.