मोदी और शाह को बैठे बैठे उद्धव ठाकरे को घेरने का मौक़ा मिल गया

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इन दिनों महाराष्ट्र से लेकर बिहार और दिल्ली तक एक केस की गूँज बड़े ही जोर शोर के साथ में सुनाई दे रही है और वो केस है सुशांत सिंह राजपूत का. बिहार मूल का रहने वाला एक्टर सुशांत जिसने मुंबई स्थित फ्लैट में अपनी जान दे दी थी उस पर जमकर के सियासत हुई है. मुंबई में बिहार पुलिस जांच करने के लिए पहुँच रही है तो उसे मुंबई पुलिस परेशान कर रही है और पीछे राजनीतिक प्रेशर होने की बात बताई जा रही है. इसी बीच नीतीश ने नया दांव खेला है जो मुंबई सीधा दिल्ली होते हुए पहुंचेगा.

केंद्र की टेबल पर पहुंची सुशांत की फाइल, सीबीआई जांच की सिफारिश
नीतीश सरकार ने अपनी तरफ से सुशांत सिंह राजपूत केस में केंद्र सरकार को सीबीआई जांच की सिफारिश करने के लिए फाइल भेज दी है जिसके बाद में अब जाहिर तौर पर जितना जल्दी हो सके इसका अप्रूवल भी मिल जाएगा क्योंकि फडनवीस तो लगातार कह ही रहे है कि राजनीतिक दबाव के कारण सुशांत के मामले में न्याय नही हो पा रहा है और जब सीबीआई जैसी उच्च स्तरीय जांच एजेंसी जायेगी तो पुलिस को किसी भी हाल में को ऑपरेट करना होगा.

ऐसे में जो बड़े नाम शायद राजनीतिक दबाव के कारण छुपाये जा रहे है वो सीबीआई जांच की मदद से उजागर हो सकते है और इससे बीजेपी को बैठे बैठे ठाकरे सरकार को घेरने का मौक़ा मिला जाएगा और कही न कही सोशल मीडिया पर भी इसकी गहरी चर्चा है कि इस जांच में लगातार राजनैतिक दखल है इस वजह से सुशांत केस की जांच ठीक तरीके से नही हो रही है. उसके पिता केके सिंह तो पहले ही इन सब पर सवाल खड़े कर चुके है.

इससे न सिर्फ बीजेपी महाराष्ट्र में बैठे बैठे फ्रंट फुट पर आ जायेगी बल्कि भाजपा जदयू गठबंधन को भुनाने के लिए बिहार चुनाव में भी एक मामला मिल जायेगा क्योंकि सुशांत आज की डेट में बिहार के यूथ में एक आइकॉन की तरह बन गये है जिनको न्याय दिलाने वाला भी हीरो ही माना जाएगा.