70 साल बाद भारत के लोगो को मोदी ने एक और नयी आजादी दिला दी

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नरेंद्र मोदी जब से देश के प्रधानमंत्री बने है तब से ही वो कई ऐसे फैसले ले चुके है जिनके बारे में कभी किसी सरकार ने सोचा तक नही था लेकिन जब व्यक्ति चाहता है कि वो समाज में देश में लोगो में कुछ बदलाव लेकर के आये तो फिर वो कर ही देता है और शायद प्रधानमंत्री मोदी ने भी ऐसा ही कुछ किया जो अपने आप में काफी बड़ी बात है. अब वो चाहे जीएसटी हो, नोटबंदी हो, राम मंदिर, 370 या कई मसले हो. इन सबसे कई ज्यादा बड़ा बदलाव हुआ और वो हुआ है देश की शिक्षा नीति में.

भारत में लागू होगी नयी शिक्षा नीति, वैचारिक बन्धनों से आजादी
अब तक भारत में अपनी ही शिक्षा नीति का खूब विरोध होता रहा क्योंकि यहाँ पर सिर्फ दसवी, बारहवी और ग्रेजुएशन के आधार पर बच्चो को जज किया जा रहा था और अब जो बदलाव हुआ है वो तो इस पूरे सिस्टम को ही बदलने जा रहा है. कुल मिलाकर के देखे तो अंग्रेज जो एजुकेशन सिस्टम छोडकर के गये थे अब जाकर के उसे अच्छे तरीके से बदला गया है. इसके मुख्य बिंदु क्या क्या होंगे? चलिए हम आपको समझाते है.

  1. अब सिर्फ स्कूली शिक्षा ही नही बल्कि कानूनी, चिकित्सा, तकनीकी और व्यवसाय से जुडी हुई शिक्षा को भी पूर्ण अधिकार और मान्यता दी जायेगी. उनकी वैल्यू की जायेगी.
  2. अब से म्यूजिक और आर्ट स्पोर्ट्स आदि मुख्य सलेबस में होंगे न कि इनको अतिरिक्त में रखा जाएगा. यानी इनका वेटेज भी उतना ही होगा.
  3. पहले आप बीच में पढ़ाई छोड़ देते थे तो आपको डिग्री नही मिलती थी लेकिन अब थोडा अलग सिस्टम होगा. आप अगर अब फर्स्ट इयर करते है तो आपको बेसिक सर्टिफिकेट मिलेगा और दो साल करके छोड़ देते है तो आपको डिप्लोमा का सर्टिफिकेट मिल जाएगा.
  4. अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर के भी शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है. अब भारत शिक्षा पर अपनी जीडीपी का 6 प्रतिशत खर्च करेगा जो अच्छा ख़ासा अमाउंट है.
  5. अब बच्चो को पढ़ाई के कोमिबिनेशन भी ऑफर किये जायेंगे. यानी अगर कोई फिजिक्स के साथ में इतिहास पढ़ना चाहे तो वो पहले नही कर सकता था पर अब ये आने वाली नीति में संभव हो सकेगा. बच्चो को इससे काफी आजादी मिलेगी.

ये तो कुछ एक पॉइंट्स है जो मुख्य रूप से प्रभाव डालेंगे. ऐसी बहुत सी चीजे है जो आने वाले वक्त में बच्चो को बहुत ही ऊँचे स्तर का स्किल देने वाले है जिससे कि वो वर्ल्ड लेवल पर बेस्ट दे सकेंगे.