सचिन पायलट के खिलाफ फैसला लेकर फंसी कांग्रेस, धडाधड़ इस्तीफे ही इस्तीफे

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हम लोगो ने देखा है कि अभी हाल ही में अशोक गहलोत और सचिन पायलट की आंतरिक पार्टी की लड़ाई में कही न कही गहलोत जीत गये है और उनकी कुर्सी भी बची हुई फ़िलहाल के लिए कम से कम नजर आ रही है जो कि उनके लिए एक सुकून का वक्त हो सकता है कि अभी के हिसाब से उनको कुर्सी नही छोडनी पड़ रही है लेकिन सचिन पायलट जैसे बड़े नेता के खिलाफ फैसला लेने पर सचिन पायलट के खिलाफ कोई साइड इफ़ेक्ट न हो ऐसा तो हो नही सकता है.

सचिन पायलट के सपोर्ट में कई बड़े कांग्रेस नेताओं का इस्तीफा, परेशान  हुआ हाई कमान
अब जैसे ही सचिन पायलट को उपमुख्यमंत्री जैसे पदों से हटाया गया और उनको पूरी तरह से साइड लाइन किया गया उसके बाद में कही न कही कांग्रेस के कई बड़े बड़े लोग नाराज हो गये है और लगातार इस्तीफे दर्जनों की संख्या में आ रहे है. पीसीसी सचिव प्रशांत सहदेव शर्मा और राजेश चौधरी ने पहले ही अपना इस्तीफा दे दिया है वही प्रदेश सचिव करण सिंह ने भी अपने पद को सचिन के समर्थन में छोड़ दिया है.

टोंक में एक साथ में लक्ष्मण सिंह गाता सिंह 59 पदाधिकारियों ने भी अपने पद छोड़ दिये है. मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो बड़े बड़े जिले लेवल के लगभग 100 से ज्यादा नेता अब तक नेता अपने पदों को छोड़ रहे है और अगर ऐसा होता है तो राजस्थान में कांग्रेस की संगठन स्तर की कमर ही टूट जाने वाली है. सचिन पायलट ने खुद ट्वीट करके जो भी उनका समर्थन कर रहे है उन सबके प्रति आभार जता रहे है.

अब कई लोगो का सवाल ये भी हो सकता है कि आखिर पायलट के समर्थन में इतने बड़े लेवल पर इस्तीफे क्यों हुए? तो दरअसल स्टेट लेवल पर संगठन को पांच साल तक मजबूत करने का कम करने वाले सचिन पायलट ही थे इसलिए उनके ही लोग जगह जगह पर बैठे हुए है जिनकी निष्ठा गहलोत से ज्यादा पायलट के लिए है.