राजस्थान में हाई लेवल पर कुर्सी का खेल, गहलोत के करीबियों के घर छापे पड़े

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फ़िलहाल देश की राजनीति का केंद्र जयपुर बना हुआ हिया क्योंकि यहाँ पर दो सबसे बड़ी पार्टियां बीजेपी और कांग्रेस एकदम से ही जुटी हुई है कि सीएम की कुर्सी कौन हासिल करता है? ये कुर्सी हासिल करने के लिए दोनों अपने अपने विधायको की बाडेबंदी कर रहे है. गहलोत ने एसओजी का इस्तेमाल करके विरोध करने वालो पर अच्छी खासी कार्यवाही कर दी थी लेकिन लग रहा है कि अब केन्द्रीय एजेंसियां इसमें उतर गयी है और फ़िलहाल हाल बड़े ही खराब नजर आ रहे है जैसा कि हो रहा है.

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अभी की मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि केन्द्रीय जांच एजेंसियां फिलहाल राजस्थान में सक्रीय हो गयी है. एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार आईटी डिपार्टमेंट ने राज्य में कई जगहों पर लगातार छापेमारी की है और इसमें अधिकतर लोग अशोक गहलोत के करीबी है या फिर उनके लिए फंड मेनेज करने का काम करते है. आम्रपाली कार्यालय जो कि राजीव अरोड़ा का है उनके यहाँ पर भी रेड की गयी है.

अब जिस तरह से केन्द्रीय जांच एजेंसियां अचानक से एक्टिव हो गयी है उससे पता चलता है कि अमित शाह का रोल इसमें कही न कही हो सकता है चाहे वो परदे के सामने से न हो लेकिन पीछे से नजर आते है. ऐसे में कांग्रेस या फिर बीजेपी दोनों की तरफ से ही फ़िलहाल तो इस पर कुछ भी नही कहा गया है कि आखिर क्या कुछ चल रहा है मगर पायलट जरुर बोले है.

उनका कहना है कि अभी उनकी विपक्षी पार्टी से कोई भी बात नही हुई है और न ही उनका अभी शामिल होने का कोई प्लान है. अब अगर ऐसा नही है तो सचिन पायलट राजस्थान की राजनीति को ऐसे अधर में लटकाकर के क्या दिखा रहे है? अब कही ये राजस्थान में तीसरे मोर्चे की शुरुआत तो नही? इसमें भी गहलोत की सरकार तो अल्पमत में आती नजर आ रही है.