उत्तर प्रदेश में जनसँख्या नियंत्रण के लिये बड़ा कदम उठा सकते है योगी, दिये ये संकेत

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आज देश भर की जनसँख्या काफी तेजी के साथ में बढ़ रही है. भारत टॉप के दो देशो में शुमार है जिनमे विश्व के सबसे अधिक लोग रहते है और शायद जल्द ही नम्बर वन भी हो जाए. अब हिन्दुस्तान में तो लोग है ही मगर उत्तर प्रदेश की जनसंख्या तो और भी ज्यादा है और जनसंख्या घनत्व तो मानो रिकॉर्ड ही तोड़ रहा है. अब ऐसे में इतना तो साफ़ है कि सरकारों को कुछ तो कदम उठाने ही पड़ेंगे और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इससे जुड़े हुए संकेत देने शुरू भी कर दिये है.

स्वस्थ समाज के लिए जनसँख्या का स्थिरीकरण काफी आवश्यक है
अभी हाल ही में अपने संबोधन के दौरान यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बढ़ रहे लोगो की संख्या पर चिंता जाहिर की और कहा कि स्वस्थ समाज की अगर स्थापना करनी है तो उसके लिए जनसँख्या का स्थिरिककरण बड़ा आवश्यक है. ऐसा करके ही लोगो को बुनियादी सुविधाए दी जा सकती है, अभी इस पर लोगो को जागरूक किया जाना बेहद आवश्यक है.

साथ ही साथ में वो ये भी कहते है कि उत्तर  प्रदेश देश की सबसे बड़ी संख्या वाला राज्य है. देश की तुलना में यहाँ पर प्रजनन दर भी ज्यादा है, अगर लोगो को बेहतर सुविधाए देनी है तो उसके लिए जनसँख्या को नियंत्रित करना बेहद ही आवश्यक है. अब योगी आदित्यनाथ का इस वक्त में जनसँख्या नियंत्रण के टॉपिक पर बात करना ही बताता है कि वो इस पर कुछ न कुछ करने का विचार तो कर ही रहे है तभी तो ये बात हो रही है.

भाजपा और इससे जुड़े लोगो के एजेंडे में काफी लम्बे वक्त से जनसँख्या नियंत्रण क़ानून रहा है और कही न कही लोग इस पर अपनी तरफ से काफी कुछ कहते और मानते भी है. हालांकि इसे कब लाया जायेगा और क्या इसे राज्य स्तर की नीतियों के साथ सम्मिलित करके लाया जायेगा या फिर मोदी सरकार नेशनल लेवल पर इस पर कोई पालिसी बनाएगी, ये देखने वाली बात होगी.