मोदी से उलझना पड़ा केपी ओली को पड़ा भारी, सोमवार को कट सकता है पत्ता

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पिछले एक साल से नेपाल के रवैये में जो भारत के प्रति बदलाव देखने को मिला है वो तो आपने देखा ही होगा और महसूस भी किया होगा कि किस तरह से नेपाल के वर्तमान प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भारत से रिश्ते बिगाड़ने पर आमादा हो रखे है. इन सबके बावजूद भारत ने नेपाल को अपना भाई माना और कोई सख्त जवाब नही दिया, लेकिन जो नेपाल के अन्दर भारत के हितैषी बैठे है वो क्या चुप रहने वाले थे? अब ओली की कुर्सी जाने वाली है ऐसे कयास हर तरफ लग रहे है.

रद्द हो गयी शनिवार की पार्टी बैठक, सोमवार को किया जाएगा ओली की कुर्सी पर फैसला
फिलहाल अपने मनमाने रवैये के कारण केपी ओली के पार्टी के अपने लोग ही ऊनके खिलाफ हो गये है. प्रचंड जो कि नम्बर दो के नेता है वो भी ओली के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है. अब शनिवार को केपी ओली पर फैसला लेने के लिए मीटिंग बुलाई गयी लेकिन ओली ने तिकडम लगाकर के बैठक कैंसिल ही करवा दी. मगर अब विरोधी कोई चुप तो रहने वाले नही है तो उन्होंने फिर से एक और बैठक बुला दी है.

पार्टी की ये मीटिंग इस अगले सोमवार को बुलाई जा रही है और माना जा रहा है कि इस सोमवार को केपी ओली पर इस्तीफा देने के लिए दबाव बनाया जा सकता है क्योंकि उनके चीन की किसी अधिकारी से गलत रिश्ते होने की खबरे भी सामने आयी है जिसके बाद से बदनामी का डर तो और भी कई ज्यादा बढ़ गया है. ऐसे में केपी ओली को सत्ता से कब बेदखल कर दिया जाए ये कोई भी का नही कह सकता है लेकिन इतना साफ़ है कि आने वाला वक्त ओली के लिए अच्छा नही है.

हालांकि उनके साथ में जो कुछ भी हो रहहा है वो सब चीजो का ठीकरा भारत पर फोड़ रहे है और कह रहे है कि उनके साथ में ये सब हो रहा है क्योंकि उन्होंने कुछ मामलो में भारत का विरोध किया था.