चीन ने अपने दोस्त देश रूस को भी दिया दगा, किया बड़ा दावा

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इन दिनों दुनिया भर के बड़े बड़े विवादों का केंद्र कही पर किसी को नजर आ रहा है तो कही न कही प्रत्यक्ष या फिर अप्रत्यक्ष रूप से चीन ही है और ऐसा हम क्या एक बहुत ही बड़ी तादात में लोग भी कहने लगे है. अगर हम अभी की बात करे तो भारत, जापान, ताइवान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से तो चीन अपने रिश्ते बिगाड़ ही चुका है. एक मात्र बड़ा देश रूस जो उसका अभी भी मित्र था ऊसके साथ में भी उसने एक नए किस्म के विवाद को जन्म दे दिया है.

चीन ने किया दावा, व्लादिवोस्तोक शहर हमारा है जो रूस के कब्जे में है 
चीन के एक सरकारी मीडिया सम्पादक ने चीन और रूस के बीच में तनाव बढ़ा दिया है जिन्होंने लिखा है कि व्लादिवोस्तोक शहर को रूस ने 1860 में एकतरफ़ा संधि करके चीन से छीन लिया था, कभी एक वक्त में ये शहर हमारा हुआ करता था.आपको बता दे तब उस वक्त में ये एरिया विवादित था जिसे रूस ने लगभग दो शताब्दी पहले ताकत के दम पर अपने कब्जे में कर लिया था और चीन ने ट्रीटी साइन करके रूस के दावे पर हामी भी भरी थी.

अब चीन के बड़े बड़े लोग इस पर से मुकर रहे है और कह रहे है कि ये शहर तो हमारा है. चीन इस तरह के दावे ताइवान पर, भूटान पर, लद्दाख पर, अरुणाचल पर, तिब्बत पर और भी कई जगहो पर कर रहा है.ऐसे में इन देशो के साथ में तो चीन का विवाद चल ही रहा था इसी के साथ में अब एक नाम रूस का भी शामिल हो गया है क्योंकि चीन के इस तरह की बातो को रूस के लोग सोशल मीडिया पर जमकर के आलोचित कर रहे है.

अब व्लादिवोस्तोक नाम का ये शहर एक तरह से दोनों देशो के बीच में विवाद का कारण बन गया है. चीन अगर इस मुद्दे को आगे ले जाता है तो वो रूस जैसा दोस्त भी अपने खेमे में से खो देगा और अकेला पड जाएगा.